अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम, 1 लाख से ज्यादा दर्शक और वही पुराना सन्नाटा। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराकर करोड़ों फैंस की उम्मीदों को एक बार फिर झटका दिया है। दो साल के भीतर इसी मैदान पर भारत की यह दूसरी बड़ी हार है। लेकिन यह हार महज इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि प्रोटियाज (दक्षिण अफ्रीका) की उस खामोश रणनीति का नतीजा थी, जिसे उन्होंने भारत की नाक के नीचे अंजाम दिया। 1. दोपहर की तपती धूप में गुप्त अभ्यास मैच से दो दिन पहले, जब ज्यादातर टीमें आराम कर रही थीं, दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी यूनिट दोपहर 2 बजे की चिलचिलाती धूप में मैदान पर उतरी। किसी की नजरों में आए बिना उन्होंने उन परिस्थितियों में खुद को ढाल लिया जो मैच के दिन होने वाली थीं। 2. कप्तान एडेन मार्करम का ‘मास्टरस्ट्रोक’ प्रैक्टिस के दौरान मार्करम घंटों तक एक खास गेंद का अभ्यास कर रहे थे—ऐसी गेंद जो बाएं हाथ के बल्लेबाज के स्टंप्स पर तेजी से अंदर आए। हकीकत: मैच की पहली ही गेंद पर मार्करम ने ठीक वैसी ही गेंद डाली और ईशान किशन को शून्य (0) पर पवेलियन भेज दिया। 3. ‘स्लोअर बॉल्स’ का जाल लुंगी एनगिडी जैसे तेज गेंदबाजों ने अपनी गति का त्याग किया। उन्होंने नेट्स में घंटों ‘स्लोअर कटर’ और ‘नकल बॉल’ का अभ्यास किया। परिणाम: मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज गेंद की गति को भांपने में नाकाम रहे और बड़े शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवाते रहे। 4. केशव महाराज का वो निर्णायक ओवर जब हार्दिक पांड्या और रिंकू सिंह क्रीज पर थे, तब मैच भारत की पकड़ में लग रहा था। लेकिन केशव महाराज ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने लूप वाली गेंदों के बजाय चपटी और तेज (Flatter and Quicker) गेंदें डालना शुरू किया। नतीजा: 15वें ओवर में महाराज ने हार्दिक, रिंकू और अर्शदीप को आउट कर भारतीय पारी की कमर तोड़ दी। अहमदाबाद का सन्नाटा और मायूसी हार के बाद स्टेडियम से बाहर निकलने वाले फैंस की आंखों में वही मायूसी थी जो 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में देखी गई थी। साबरमती आश्रम की ओर जाने वाली सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। कबाब और बिरयानी की दुकानें खाली रहीं और जर्सी बेचने वाले विक्रेताओं के चेहरे उतर गए। मुख्य बिंदु: भारत की हार: 76 रनों से। नेट रन रेट (NRR) पर असर: -3.800 (भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अब कठिन हो गई है)। सीख: टी20 वर्ल्ड कप 2026 की पिचें 300 रनों वाली नहीं हैं; यहाँ अनुशासन और रणनीति ही मैच जिताएगी। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया ‘अवैध’: कल से अमेरिका बंद करेगा करोड़ों डॉलर की वसूली मैक्सिको में महायुद्ध: ड्रग डॉन ‘एल मेंचो’ की मौत के बाद जल उठे 20 राज्य, एयरपोर्ट पर कब्जा और सड़कों पर बिछी लाशें