“मैं असफलता को स्वीकार कर सकता हूँ, हर कोई किसी न किसी चीज़ में असफल होता है। लेकिन मैं कोशिश न करने को स्वीकार नहीं कर सकता।”

खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 63वां जन्मदिन: बास्केटबॉल की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल जॉर्डन आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं।
  • कोशिश की अहमियत: जॉर्डन का यह विचार उनकी 1994 की किताब ‘I Can’t Accept Not Trying’ से लिया गया है। यह संदेश देता है कि हारना बुरा नहीं है, बल्कि हार के डर से प्रयास ही न करना गलत है।
  • सफलता का मंत्र: जॉर्डन के अनुसार, असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले लोग असफलता से बचते नहीं हैं, बल्कि वे हर प्रयास से सीखते हैं। उनका मानना है कि लचीलापन और निरंतरता ही श्रेष्ठता की नींव है।
  • आज के समय में प्रासंगिकता: आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहाँ लोग सिर्फ नतीजों (Outcomes) के पीछे भागते हैं, यह कोट याद दिलाता है कि सीखने और आगे बढ़ने के लिए जोखिम लेना और कोशिश करना सबसे जरूरी है।

माइकल जॉर्डन के बारे में खास बातें

  • दिग्गज खिलाड़ी: उन्होंने NBA में 15 सीजन खेले और शिकागो बुल्स को 6 चैंपियनशिप जिताईं। उन्हें सर्वकालिक महानतम बास्केटबॉल खिलाड़ियों में गिना जाता है।
  • बिजनेस आइकन: खेल से संन्यास के बाद वे एक सफल बिजनेसमैन बने। 2025 के अनुमान के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.8 बिलियन डॉलर है।
  • वैश्विक पहचान: 80 और 90 के दशक में बास्केटबॉल को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाने में उनकी अहम भूमिका रही।

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