मुरादाबाद नगर निगम ने 

त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय (Trishul Indian Defence Museum) के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला हाई-टेक डिजिटल वॉर मेमोरियल तैयार किया है। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बना यह संग्रहालय भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित है। 

संग्रहालय की मुख्य विशेषताएं और तकनीक

यह वॉर मेमोरियल पारंपरिक संग्रहालयों से अलग एक “लाइव एक्सपीरियंस सेंटर” के रूप में विकसित किया गया है: 

  • डिजिटल और AI तकनीक: इसमें सशस्त्र बलों की बहादुरी का जीवंत अनुभव देने के लिए एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी, डिजिटल डिस्प्ले और इंटरैक्टिव सेशन का उपयोग किया गया है।
  • वर्चुअल रियलिटी (VR) और डोम थिएटर: संग्रहालय में एक अत्याधुनिक डोम थिएटर और VR रूम बनाया गया है, जहाँ पर्यटक युद्ध के दृश्यों को 3D विजुअल इफेक्ट्स के साथ देख सकेंगे।
  • युद्ध क्षेत्र का अनुभव (Live Experience): यहाँ देश में पहली बार किसी संग्रहालय में असली ट्रेंच (खाइयों) का निर्माण किया गया है, ताकि लोग युद्ध की कठिन परिस्थितियों का अनुभव कर सकें।
  • महत्वपूर्ण युद्धों का प्रदर्शन: इसमें 1947 से लेकर कारगिल युद्ध और पुलवामा हमले के बाद की सर्जिकल स्ट्राइक तक की गौरवगाथाएं प्रदर्शित की गई हैं। 

प्रमुख सैन्य उपकरण और प्रदर्शनियाँ

रक्षा मंत्रालय और DRDO के सहयोग से यहाँ कई असली सैन्य उपकरण स्थापित किए गए हैं: 

  • हथियार और विमान: संग्रहालय में दो T-55 टैंक, एक मिग-27 (MiG-27) लड़ाकू विमान और तेजस विमान का मॉडल रखा गया है।
  • अन्य मॉडल: यहाँ INS विक्रांत, विभिन्न मिसाइल सिस्टम और सेना की वर्दियों व रैंकों की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से दी जाएगी।
  • सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: यहाँ महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान जैसे ऐतिहासिक नायकों की उपलब्धियों को भी दिखाया गया है। 

स्थान और उद्घाटन की स्थिति

  • लोकेशन: यह संग्रहालय मुरादाबाद के बुद्धि विहार क्षेत्र (सर्किट हाउस के पीछे) में करीब 10,000 वर्ग मीटर में फैला है।
  • उद्घाटन: 14 फरवरी 2026 को सैन्य अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया गया है। नगर निगम के अनुसार, इसका औपचारिक उद्घाटन होली (मार्च 2026) के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया जा सकता है।

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