नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026 | वेदर डेस्क

“नमस्कार, आप देख रहे हैं ‘मौसम अपडेट’। उत्तर भारत में इस बार बसंत का मौसम गायब होता दिख रहा है और सीधे गर्मियों ने दस्तक दे दी है। दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ऊपर पहुंच गया है। फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही लोगों ने ऊनी कपड़े उतारकर पंखे चलाने शुरू कर दिए हैं। आखिर इस बेतहाशा गर्मी की वजह क्या है और क्या 2026 अब तक का सबसे गर्म साल होने वाला है?”

न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights)

  • रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: 16 फरवरी को दिल्ली का तापमान 31°C दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा।
  • सामान्य से ऊपर पारा: मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, फरवरी के पहले 15 दिनों में देश के 27 प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से 3°C से 5°C अधिक रहा है।
  • गायब हुआ बसंत: आसमान साफ रहने और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की कमी के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
  • अल नीनो का खतरा: विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा और साल के अंत में ‘अल नीनो’ का प्रभाव बढ़ा, तो 2026 पिछले साल (2025) से भी ज्यादा गर्म हो सकता है।

ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों तप रहा है फरवरी?

[रिपोर्टर वॉयसओवर]
आमतौर पर फरवरी के मध्य तक हल्की गुलाबी ठंड रहती है, लेकिन इस साल नजारा बिल्कुल अलग है। 17 फरवरी को भी राजधानी दिल्ली में पारा 27°C के आसपास रहा, जो संकेत है कि गर्मी अब रुकने वाली नहीं है।

गर्मी बढ़ने के मुख्य कारण:

  1. साफ आसमान और शुष्क हवाएं: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के गुजरने के बाद खिली धूप ने तापमान को अचानक बढ़ा दिया है।
  2. क्लाइमेट चेंज का असर: रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 15 वर्षों में से 10 वर्ष सबसे गर्म रहे हैं। 2025 अब तक का आठवां सबसे गर्म साल था, और 2026 उसी रास्ते पर चलता दिख रहा है।

गर्मी का क्या होगा असर?

  • खेती पर संकट: गेहूं की फसल के लिए ठंड की जरूरत होती है। समय से पहले गर्मी बढ़ने से पैदावार में कमी आ सकती है।
  • बिजली की मांग: मार्च से ही एसी और कूलर चलने के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: अचानक बढ़ी गर्मी से हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है।

IMD की भविष्यवाणी

मौसम विभाग का अनुमान है कि फरवरी के बाकी दिनों में भी अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2°C से 4°C अधिक बना रहेगा। अप्रैल और मई में भीषण लू (Heatwave) चलने की संभावना अभी से जताई जा रही है।

[एंकर साइन-ऑफ]
“फरवरी की यह गर्मी सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग की एक बड़ी चेतावनी है। खुद को हाइड्रेटेड रखें और दोपहर की धूप से बचें। न्यूज़ डेस्क से मैं [आपका नाम], कैमरामैन के साथ।”

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