इस्लामाबाद – बलूचिस्तान में हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान की सरकार और सेना गहरे दबाव में है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने अभियान को “ऑपरेशन हेरोफ फेज-2” नाम दिया है, जिसके तहत कई शहरों में एकसाथ हमले किए गए। इसमें कम से कम 80 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 30 से अधिक सरकारी संपत्तियाँ नष्ट हुईं। ख्वाजा आसिफ का बयान संसद में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान के विशाल आकार और कम आबादी के कारण सेना विद्रोहियों के सामने “अपाहिज” हो गई है। उन्होंने कहा: बलूचिस्तान पाकिस्तान का 40% से अधिक क्षेत्र है। यहाँ औसतन 35 किलोमीटर पर एक व्यक्ति रहता है। इतने बड़े क्षेत्र की सुरक्षा और गश्त करना सेना के लिए शारीरिक रूप से असंभव है। आसिफ ने यह भी कहा कि विद्रोहियों के पास 20 लाख रुपए तक की राइफलें और 20 हजार डॉलर (18.1 लाख रुपए) के गियर हैं, जो पाकिस्तान सेना के पास भी नहीं हैं। हालात और कार्रवाई बलूच विद्रोहियों ने 12 स्थानों पर एकसाथ हमले किए। अधिकारियों के अनुसार, जवाबी अभियानों में अब तक 177 विद्रोही मारे गए हैं। आसिफ ने BLA के साथ बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि नागरिकों की हत्या करने वाले “आतंकवादियों” से कोई नेगोशिएशन नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी गिरोह और अलगाववादी समूहों के बीच सांठगांठ है और BLA तस्करों की रक्षा करता है। 📌 निष्कर्ष: बलूचिस्तान में पाकिस्तान को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सुरक्षा संकट झेलना पड़ रहा है। रक्षा मंत्री का संसद में दिया गया बयान न केवल सेना की चुनौतियों को उजागर करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि विद्रोहियों के पास संसाधन और रणनीति दोनों ही मजबूत हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation वाशिंगटन में जयशंकर–अमेरिकी वित्त मंत्री की मुलाकात मोदी सरकार पर नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी, ‘घमंड’ को बताया खतरनाक