नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (LCA) की पूरी फ्लीट को अस्थायी रूप से ग्राउंडेड (उड़ान पर रोक) कर दिया है। यह फैसला इस महीने की शुरुआत में हुए एक गंभीर हादसे के बाद लिया गया है, जिसमें एक तेजस विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे का विवरण सूत्रों के अनुसार, यह घटना एक प्रमुख एयरबेस पर तब हुई जब विमान एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान (Training Sortie) के बाद वापस लौट रहा था। लैंडिंग के समय विमान में तकनीकी खराबी आने की आशंका जताई गई है, जिससे एयरफ्रेम को भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते विमान से सुरक्षित बाहर निकलने (Eject) में कामयाब रहा। जांच और सुरक्षा उपाय वायुसेना ने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों की उड़ानों को रोककर एक गहन तकनीकी जांच (Technical Probe) शुरू कर दी है। मकसद: विमान के ऑनबोर्ड सिस्टम में संभावित खराबी या किसी तकनीकी खामी का पता लगाना। नुकसान: प्राथमिक आकलन के अनुसार विमान को इतनी गंभीर क्षति हुई है कि उसे ‘राइट ऑफ’ (सेवा से बाहर) किया जा सकता है। तेजस के साथ अब तक की घटनाएं यह तेजस के बेड़े में शामिल होने के बाद से तीसरी बड़ी दुर्घटना है: मार्च 2024: जैसलमेर के पास एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था (पायलट सुरक्षित)। नवंबर 2025: दुबई एयरशो के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दुर्भाग्यवश पायलट की जान चली गई। इसकी जांच अभी भी जारी है। फरवरी 2026: मौजूदा घटना, जिसने पूरी फ्लीट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनौतियों के घेरे में ‘तेजस’ प्रोग्राम यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब वायुसेना पहले से ही Tejas Mk1A की डिलीवरी में हो रही देरी का सामना कर रही है। IAF ने कुल 180 Mk1A विमानों का ऑर्डर दिया है। डिलीवरी का शेड्यूल अपने तय समय से लगभग दो साल पीछे चल रहा है। Mk1A वर्तमान में सेवा दे रहे तेजस का एक अपग्रेड वर्जन है, जिसमें अधिक आधुनिक रडार और इलेक्ट्रॉनिक हथियार प्रणालियां लगी हैं। नोट: भारतीय वायुसेना की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन गहन तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बरेली में शादी के 5 दिन बाद मातम; ससुराल में नहाते समय गीजर फटा, नवविवाहिता की मौत भारत ने ‘Pax Silica’ घोषणापत्र पर किए हस्ताक्षर: AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चीन के दबदबे को चुनौती देगा भारत-अमेरिका गठबंधन