नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में बीएनपी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तीखा हमला बोला है। निर्वासन में रह रहीं हसीना ने 12 फरवरी को हुए चुनावों को ‘पूर्व नियोजित धोखाधड़ी और तमाशा’ करार दिया है। उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर आंकड़ों में हेरफेर कर अपनी वैधता साबित करने का सीधा आरोप लगाया है। गणित के जरिए घेरा: “एक मिनट में 3.8 लाख वोट कैसे?” अवामी लीग के मुख्यालय से जारी एक विस्तृत बयान में शेख हसीना ने चुनाव आयोग के आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे ‘नंबरों के खेल का औद्योगिक अभ्यास’ बताया। असंभव बढ़त का दावा: हसीना ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सुबह 11:00 बजे तक मतदान 14.96% था, जो दोपहर 12:00 बजे तक बढ़कर 32.88% हो गया। हसीना का तर्क: उनके मुताबिक, मात्र एक घंटे में मतदान में इतनी भारी बढ़ोतरी के लिए पूरे देश में हर मिनट 3,80,000 वोट गिरने चाहिए थे, जो लॉजिस्टिक और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है। “पोलिंग बूथ खाली थे, लेकिन टेबल पर वोट थे” शेख हसीना ने कहा कि मतदान केंद्रों पर कोई मतदाता नहीं था, फिर भी गिनती की मेजों पर वोटों का अंबार लगा था। उन्होंने अंतिम मतदान प्रतिशत (59.44%) को ‘हास्यास्पद’ बताया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने उनकी पार्टी के शांतिपूर्ण बहिष्कार के आह्वान को माना था, जिसके कारण पोलिंग सेंटर खाली पड़े थे। हसीना की प्रमुख माँगें: इस ‘असंवैधानिक’ चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए। मोहम्मद यूनुस अपने पद से इस्तीफा दें। अवामी लीग पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं और राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाए। एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार की देखरेख में दोबारा नए सिरे से चुनाव कराए जाएं। भारी धांधली के आरोप बयान में आरोप लगाया गया कि चुनाव से एक रात पहले ही कई केंद्रों पर मतपत्रों पर मुहर लगा दी गई थी। चुनाव के दिन हिंसा, फर्जी वोटिंग और अधिकारियों द्वारा मनचाहे उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डालने की खबरें भी सामने आईं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बांग्लादेश चुनाव में ‘BJP’ की एंट्री: एक सीट पर दर्ज की शानदार जीत, जानें कौन हैं ये ‘बीजेपी’ नेता? बांग्लादेश में बड़ा बदलाव: 70% जनता ने ‘जुलाई चार्टर’ को दी मंजूरी, अब पूरी तरह बदल जाएगा देश का शासन!