लखनऊ/उत्तर प्रदेश: देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है। इसमें 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 📌 फ़ॉर्म 7 क्या है? रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ़ द पीपल्स एक्ट (RPA), 1950 और रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स के तहत: फ़ॉर्म 6: नया नाम जोड़ने के लिए। फ़ॉर्म 7: किसी का नाम हटाने के लिए (मृत्यु, स्थान परिवर्तन आदि कारणों से)। फ़ॉर्म 8: नाम या पता सही कराने के लिए। चुनाव आयोग के मुताबिक़, गलत जानकारी देने पर एक साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। ⚖️ विवाद क्यों? सबसे ज़्यादा चर्चा फ़ॉर्म 7 को लेकर है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस फ़ॉर्म का इस्तेमाल योजनाबद्ध तरीके से पीडीए और मुसलमानों के वोट कटवाने के लिए किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रभावित हो रही है, जबकि चुनाव आयोग इसे नियमित और कानूनी प्रक्रिया बताता है। ✨ निष्कर्ष फ़ॉर्म 7 का उद्देश्य तकनीकी रूप से सिर्फ़ मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना है, लेकिन राजनीतिक दलों का आरोप है कि इसका इस्तेमाल चुनिंदा समुदायों के वोटर हटाने के लिए किया जा रहा है। यही वजह है कि एसआईआर प्रक्रिया और फ़ॉर्म 7 पर इतना विवाद खड़ा हो गया है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारत-अमेरिका ट्रेड डील: रूसी तेल पर चुप्पी, किन अमेरिकी उत्पादों पर हटेगा टैरिफ़ ईरान-अमेरिका वार्ता के बाद ट्रंप का नया आदेश