आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान दिया है. भागवत ने बीजेपी और आरएसएस के रिश्तों को लेकर भी खुलकर बात की है क्या बीजेपी की वजह से आए अच्छे दिन? भागवत ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हमारे (RSS) लिए अच्छे दिन बीजेपी की वजह से नहीं आए. बल्कि मामला इसके विपरीत था. हम राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहे. जिन्होंने हमारा समर्थन किया, उन्हें लाभ मिला. उन्होंने कहा, “आरएसएस के लिए ‘अच्छे दिन’ स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत और वैचारिक नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आए. भागवत ने कहा कि RSS जरूरत पड़ने पर सलाह देता है. धर्म को लेकर कही ये बात भागवत ने कहा, ‘इस्लाम को शांति का धर्म कहा जाता है, लेकिन शांति दिखाई नहीं देती. अगर धर्म में आध्यात्मिकता न हो, तो वह प्रभुत्वशाली और आक्रामक हो जाता है. आज इस्लाम और ईसाई धर्म में जो कुछ देखा जा रहा है, वह ईसा मसीह और पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं के अनुसार नहीं है. हमें वास्तविक इस्लाम और ईसाई धर्म के अनुसरण की आवश्यकता है.भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बारे में भागवत ने कहा कि उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का निर्माण सभी को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए और इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या आरएसएस के लिए ‘अच्छे दिन’ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सत्ता में आने के बाद आए, भागवत ने कहा कि मामला ‘इसके विपरीत’ था. उन्होंने कहा कि संघ अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध रहा और उसका समर्थन करने वालों को इसका फायदा मिल भागवत ने कहा कि यूसीसी का निर्माण सभी को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए. उत्तराखंड में तीन लाख सुझाव हासिल हुए और सभी हितधारकों से चर्चा के बाद अधिनियम पारित किया गया. एक अन्य सवाल के जवाब में संघ प्रमुख ने कहा कि कोई बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक (समुदाय) नहीं हैं हम सब एक ही समाज हैं. उन्होंने मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों के साथ विश्वास, मित्रता और संवाद कायम करने की आवश्यकता पर जोर दिया. FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation “सूरजकुंड मेले में दूसरों की जान बचाते हुए शहीद हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद” संसद में हंगामा: शशि थरूर का बड़ा बयान