बूमला पास (अरुणाचल प्रदेश): केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को भारत-चीन सीमा पर स्थित बूमला पास का दौरा किया। 2020 के गतिरोध वाले एक फ्लैशपॉइंट (Y-जंक्शन) के पास खड़े होकर रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गलवान घाटी वाले बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई।

मुख्य बिंदु:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि: रिजिजू ने कहा कि देश की सुरक्षा एक गंभीर विषय है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने India Today से विशेष बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को सीमा से जुड़े मुद्दों की जानकारी नहीं है और उन्हें इस पर बोलने से पहले पढ़ाई करनी चाहिए।
  • पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर विवाद: राहुल गांधी ने संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरण (memoir) का हवाला देते हुए सरकार पर गलवान मुद्दे को ठीक से न संभालने का आरोप लगाया था। इस पर रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि जो किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, उस पर चर्चा करना और उसे संसद में उद्धृत करना राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है।
  • स्पीकर के खिलाफ महाभियोग: विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए महाभियोग (impeachment) नोटिस पर रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के पास संख्या बल नहीं है और वे केवल बेवजह का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • संसद की कार्यवाही: मंत्री ने जोर दिया कि विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद का विधायी कार्य निर्बाध रूप से जारी रहा।

रिजिजू, जो स्वयं अरुणाचल प्रदेश से आते हैं, ने राहुल गांधी को सलाह दी कि सीमाई क्षेत्रों और वहां की संवेदनशीलता के बारे में पहले सही ज्ञान प्राप्त करें।


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