2023 में 2.6 लाख मातृ मृत्यु, जिनमें से अधिकांश संघर्ष और अस्थिरता वाले देशों में नई दिल्ली। दुनिया भर में मातृ मृत्यु दर घटाने के लिए चिकित्सा विज्ञान ने बड़ी प्रगति की है, लेकिन संघर्ष और अस्थिरता वाले क्षेत्रों में हालात उलटे हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में अनुमानित 2.6 लाख महिलाओं की प्रसवकालीन मृत्यु हुई, जिनमें से लगभग 60% मौतें उन क्षेत्रों में हुईं जहाँ संघर्ष या संस्थागत-सामाजिक अस्थिरता मौजूद है। आंकड़े बताते हैं गंभीर स्थिति वैश्विक मातृ मृत्यु दर: प्रति लाख जन्म पर 197 मौतें। संघर्ष क्षेत्रों में: 504 मौतें प्रति लाख जन्म। संस्थागत/सामाजिक अस्थिरता वाले क्षेत्रों में: 368 मौतें प्रति लाख जन्म। स्थिर क्षेत्रों में: केवल 99 मौतें प्रति लाख जन्म। क्यों बढ़ रही हैं मौतें? संघर्ष के दौरान स्वास्थ्य सेवाएँ सबसे पहले प्रभावित होती हैं। अस्पताल और क्लिनिक काम करना बंद कर देते हैं या असुरक्षित हो जाते हैं। आपातकालीन हालात में स्वास्थ्य सेवाओं की ज़रूरत बढ़ जाती है, लेकिन उपलब्धता घट जाती है। परिणामस्वरूप, माताओं और नवजात शिशुओं के लिए जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। चुनौतियाँ असुरक्षित परिस्थितियाँ और संसाधनों की कमी। डॉक्टरों और नर्सों का पलायन। दवाइयों और उपकरणों की कमी। महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बाधित। संघर्ष और अस्थिरता वाले क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर वैश्विक औसत से कई गुना अधिक है। यह दर्शाता है कि युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता का सबसे बड़ा असर नई माताओं और नवजात शिशुओं पर पड़ता है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारतीय बाइकर्स का रुझान बड़ी और ताकतवर मोटरसाइकिलों की ओर बरेली में सनसनीखेज खुलासा: शादी के 2 महीने बाद पत्नी ने ही की पति की हत्या, माता-पिता के साथ मिलकर रचा सुसाइड का ड्रामा