प्योंगयांग: उत्तर कोरिया के नेतृत्व को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं। दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी (NIS) के अनुसार, किम जोंग-उन अपनी किशोर बेटी किम जू-ए को अपने उत्तराधिकारी के रूप में तैयार कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला किम परिवार के भीतर एक भीषण ‘सत्तारूढ़ युद्ध’ को जन्म दे सकता है। मुख्य बिंदु: बेटी की बढ़ती सक्रियता: किम जू-ए अब केवल समारोहों तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वे नीतिगत मामलों में भी अपनी राय देने लगी हैं। सरकारी मीडिया उन्हें “प्रिय बेटी” कहकर संबोधित करता है। बुआ बनाम भतीजी: किम जोंग-उन की शक्तिशाली बहन, किम यो-जोंग (38 वर्ष), को वर्तमान में देश का दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें मौका मिला, तो वे खुद सत्ता संभालना चाहेंगी। दक्षिण कोरियाई राजनयिकों के अनुसार, बुआ और भतीजी के बीच सिंहासन के लिए संघर्ष हो सकता है। इतिहास की कड़वाहट: उत्तर कोरिया में सत्ता का हस्तांतरण अक्सर खून-खराबे वाला रहा है। किम जोंग-उन ने खुद सत्ता संभालने के बाद अपने चाचा को मौत के घाट उतार दिया था और अपने सौतेले भाई की हत्या करवा दी थी। विशेषज्ञों को डर है कि भविष्य में भी कुछ ऐसा ही दोहराया जा सकता है। आगामी राजनीतिक बैठक पर नजर: फरवरी के अंत में होने वाली देश की पहली बड़ी राजनीतिक असेंबली पर पूरी दुनिया की नजर है। इस बैठक में किम जू-ए की मौजूदगी और उन्हें मिलने वाले आधिकारिक पदों से यह साफ हो जाएगा कि क्या वे वाकई अगली उत्तराधिकारी बनने जा रही हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation “पत्नी की सर्जरी, पति की जंग और नाबालिग की गलती से बिखरा परिवार” उस्मान तारिक को देरी से क्यों लाया गया? पाकिस्तान के कोच माइक हेसन ने दी सफाई