नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत नीति पिछले एक साल में कई उतार-चढ़ाव से गुज़री है। कभी सख्त टैरिफ लगाकर भारत को चौंकाया, तो कभी नरम पड़कर व्यापार समझौते की घोषणा की। आइए समझते हैं इस टाइमलाइन को।

2025: तनाव और टैरिफ

  • 2 अप्रैल 2025 – ट्रंप ने “लिबरेशन डे” पर कई देशों पर टैरिफ लगाया। भारत पर 26% पारस्परिक टैरिफ।
  • 10 अप्रैल 2025 – टैरिफ 90 दिनों के लिए रोका, लेकिन 10% बरकरार रखा।
  • 31 जुलाई 2025 – भारत पर 25% टैरिफ लगाया और चेतावनी दी कि रूसी तेल खरीदने पर जुर्माना लगेगा।
  • 7 अगस्त 2025 – भारत द्वारा रूसी तेल खरीद जारी रखने पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया। यह अमेरिकी व्यापार भागीदारों में सबसे अधिक था।

रिश्तों में खटास

  • भारत ने कहा कि रूस से तेल खरीद उसकी घरेलू ज़रूरत है।
  • अमेरिका और यूरोप खुद रूस से व्यापार पूरी तरह बंद नहीं कर पाए, इसलिए भारत ने इसे अनुचित बताया।
  • ट्रंप ने जापान और EU के साथ डील की, पाकिस्तान को बेहतर शर्तें दीं, जिससे भारत-अमेरिका संबंध और बिगड़े।
  • G7 बैठक में पीएम मोदी ने ट्रंप के वाशिंगटन निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया।

2026: नरमी और नई शुरुआत

  • 2 जनवरी 2026 – ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया।
  • उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमत हो गए हैं।
  • इसमें रूस से तेल खरीद पर लगाया गया 25% जुर्माना भी हटा दिया गया।
  • भारत अब अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा।

निष्कर्ष

ट्रंप की भारत नीति पिछले एक साल में कभी नरम, कभी गरम रही। लेकिन अब टैरिफ घटाने और व्यापार समझौते की घोषणा से संकेत मिलते हैं कि दोनों लोकतंत्रों के रिश्ते नई शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं।

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