डॉक्टर बनने का सपना लेकर लाखों स्टूडेंट हर साल एमबीबीएस के कोर्स में एडमिशन लेते हैं. लेकिन डॉक्टर बनने के लिए सिर्फ डिग्री ही काफी नहीं होती. प्रेक्टिस करने के लिए लाइसेंस होना भी जरूरी है. 12वीं के बाद मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम से लेकर MBBS, इंटर्नशिप और लाइसेंस तक कई स्टेप्स होते हैं. हाल के वर्षों में मेडिकल एजुकेशन सिस्टम में कुछ बड़े बदलाव भी किए गए हैं. जिसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) देना भी जरूरी हो गया है. चलिए आपको बताते हैं कि भारत में रजिस्टर्ड डॉक्टर बनने के लिए कौन-कौन से लेवल क्रॉस करने पड़ते हैं. डॉक्टर बनने का शुरुआती चरण डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहली शर्त एजुकेशनल क्वालिफिकेशन है. छात्र को 12वीं क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट के साथ पास होना जरूरी होता है. नीट परीक्षा देने के लिए मिनिमम एज 17 साल तय की गई है. मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का रास्ता भारत में MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए NEET-UG पास करना जरूरी है. इसी एक परीक्षा के आधार पर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है. नीट स्कोर के आधार पर काउंसलिंग होती है और कॉलेज अलॉट किया जाता है. MBBS कोर्स और इंटर्नशिप MBBS की पढ़ाई कुल 5.5 साल की होती है, जिसमें 4.5 साल थ्योरी और प्रैक्टिकल पढ़ाई और 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है.इंटर्नशिप के दौरान छात्र हॉस्पिटल में मरीजों के इलाज का अनुभव लेते हैं. जो डॉक्टर बनने की सबसे अहम ट्रेनिंग मानी जाती है. FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation “मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, एयर इंडिया और इंडिगो के विमान आमने-सामने टकराए” “महिला सिपाही की बहादुरी से पटना पुलिस का मान बढ़ा”