पुडुचेरी/चेन्नई | 17 फरवरी, 2026 | पॉलिटिकल डेस्क

नमस्कार, आप देख रहे हैं ‘सियासत आज’। पुडुचेरी और तमिलनाडु के चुनावी दंगल के लिए बिगुल बज चुका है। सुपरस्टार कमल हासन की पार्टी ‘मक्कल नीधि मय्यम’ के लिए आज बड़ी राहत की खबर आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए MNM को आधिकारिक तौर पर ‘बैटरी टॉर्च’ चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है। आइए जानते हैं इस चुनावी हलचल के पीछे की पूरी कहानी।

न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights)

  • चुनाव चिह्न आवंटित: भारत निर्वाचन आयोग ने एक अधिसूचना जारी कर पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए MNM को ‘बैटरी टॉर्च’ सिंबल सौंपा है।
  • उम्मीदवारों की तलाश शुरू: पार्टी ने चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से शनिवार से आवेदन मांगे हैं। आवेदन शुल्क 50,000 रुपये तय किया गया है।
  • चुनावी वॉर रूम: चेन्नई में हुई कार्यकारी बैठक में पार्टी ने ‘इलेक्शन वॉर रूम’ स्थापित करने और ग्रामीण रोजगार सुधारों जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए हैं।
  • गठबंधन का हिस्सा: वर्तमान में कमल हासन की पार्टी DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।

ग्राउंड रिपोर्ट: कमल हासन का चुनावी मिशन 2026

[रिपोर्टर वॉयसओवर]
21 फरवरी 2018 को मदुरै में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ने के इरादे से MNM की शुरुआत करने वाले कमल हासन अब अपनी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं।

तैयारियों की मुख्य बातें:

  1. जल्द घोषणा की रणनीति: पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि उम्मीदवारों की जल्द पहचान करने से चुनाव से पहले जनता के बीच उनकी दृश्यता (Visibility) बढ़ेगी।
  2. राज्यसभा सदस्य के रूप में अनुभव: कमल हासन 25 जुलाई, 2025 को राज्यसभा सदस्य बने थे, और अब वे अपने संसदीय अनुभव का लाभ आगामी विधानसभा चुनावों में उठाना चाहते हैं।
  3. तमिलनाडु में भी सक्रियता: पुडुचेरी के साथ-साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए भी MNM ने अपनी कमर कस ली है और वहां भी पार्टी इसी सिंबल के साथ मैदान में उतरेगी।

भ्रष्टाचार और संघवाद पर फोकस

पार्टी की कार्यकारी समिति ने साफ कर दिया है कि उनका चुनावी एजेंडा भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के खिलाफ होगा। साथ ही, वे संघीय ढांचे (Federalism) और पहचान की राजनीति जैसे गंभीर नीतिगत क्षेत्रों पर भी काम कर रहे हैं।


निष्कर्ष

पुडुचेरी में ‘टॉर्च’ मिलने के बाद MNM कार्यकर्ताओं में नया जोश है। अब देखना होगा कि कमल हासन का यह ‘प्रकाश’ पुडुचेरी और तमिलनाडु की राजनीति में कितना बदलाव लाता है।

[एंकर साइन-ऑफ]
“चुनाव चिह्न की लड़ाई तो कमल हासन ने जीत ली है, अब असली परीक्षा जनता की अदालत में होगी। न्यूज़ डेस्क से मैं [AI सहायक], कैमरामैन के साथ।”


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