ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं. लेकिन सऊदी अरब का उनका पहला दौरा किसी कूटनीतिक उलझन से कम नहीं है.

रॉयल पैलेस के सूत्रों ने बताया है कि वे प्रिंस ऑफ़ वेल्स की अपनी भूमिका को बहुत गंभीरता से लेते हैं इसलिए जब सरकार अनुरोध करती है, तो वो उसे स्वीकार करते हैं.

इससे पहले उनकी एस्टोनिया, पोलैंड, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका की आधिकारिक यात्राएं इतनी संवेदनशील नहीं थीं, लेकिन सऊदी अरब की यात्रा बिल्कुल अलग है.

सोमवार से शुरू होने वाली इस यात्रा का एजेंडा ऊर्जा के आदान-प्रदान और युवाओं पर केंद्रित है. लेकिन यह ऐसे समय में हो रही है जब सऊदी अरब विकास के संक्रमण से गुजर रहा है.

आज का सऊदी अरब, प्रिंस विलियम की दादी के 70 सालों के शासन से बहुत अलग है. यह एक सत्तावादी शासन और निरंकुश राजशाही है, लेकिन यह सांस्कृतिक रूप से विविधतापूर्ण है और देश तेल के अलावा अन्य माध्यमों से अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है.

सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन समारोहों और खेल आयोजनों को बढ़ावा दे रहा है, जैसे कि रियाद कॉमेडी फेस्टिवल, जिसमें पिछले साल डेव चैपल, केविन हार्ट, बिल बर्र और अन्य नामी हस्तियों ने हिस्सा लिया था.

इसके अलावा इसके कैलेंडर में जेद्दा में रेड सी इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल, सऊदी फॉर्मूला वन ग्रां प्री है और 2034 मेंस फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करने के लिए भी तैयार है.

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