बरेली। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में बरेली के पिछड़ने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि पीएम कुसुम योजना के तहत लाभार्थियों की स्वीकृति में हुई देरी के कारण जिले की रैंकिंग गिर गई है।

एजेंसियों की सुस्ती से बिगड़ा स्कोर

उप निदेशक कृषि ने बैठक में डीएम को बताया कि संबंधित एजेंसियों ने महीने के बिल्कुल अंतिम दिनों में लाभार्थियों को स्वीकृति दी। इस देरी की वजह से सौर ऊर्जा उपकरणों (सोलर पंप) का समय पर इंस्टालेशन नहीं हो सका, जिसका सीधा असर सीएम डैशबोर्ड पर जिले की परफॉर्मेंस और रैंकिंग पर पड़ा। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए दोनों संबंधित एजेंसियों को तत्काल तलब करने के निर्देश दिए हैं।

लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

बैठक के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर डीएम ने सख्त लहजे में स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि सीएम डैशबोर्ड सीधे तौर पर जिले की छवि से जुड़ा है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक की मुख्य बातें:

  • जनसुनवाई: सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें।
  • सत्यापन: जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए कि जिन कार्यों का 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है, उनका सीडीओ (CDO) से सत्यापन कराएं।
  • पोषण अभियान: जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाड़ी केंद्रों पर वजन और हाइट मापने वाली मशीनें जल्द वितरित करने के निर्देश दिए।
  • अन्य समीक्षा: बैठक में सड़कों के निर्माण, सेतु, एमएसएमई (MSME), श्रम विभाग, आईटीआई और समाज कल्याण विभाग के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।

डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया कि हर महीने की अंतिम तिथि तक सभी अधिकारी डैशबोर्ड की निगरानी स्वयं करें। यदि भविष्य में रैंकिंग में गिरावट आती है, तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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