बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र से रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पत्नी ने अपने पांच भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने पीड़ित के हाथ-पैर तोड़ दिए और उसे जंगल में जिंदा दफनाने की कोशिश की, लेकिन ऐन वक्त पर एक ‘फरिश्ते’ की एंट्री ने उसकी जान बचा ली।

वारदात का खौफनाक मंजर
पीड़ित राजीव, जो एक निजी अस्पताल में डॉक्टर के पीए (PA) के रूप में कार्यरत हैं, ने बताया कि 21 जुलाई की रात उनकी पत्नी साधना और उसके पांच भाइयों (भगवान दास, प्रेमराज, हरीश, लक्ष्मण और एक अन्य) सहित 11 लोगों ने उनके घर पर हमला किया। हमलावरों ने लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर राजीव के दोनों पैर और एक हाथ तोड़ दिया।

जिंदा दफनाने की कोशिश और ‘ट्विस्ट’
अधमरी हालत में हमलावर राजीव को सीबी गंज क्षेत्र के जंगल में ले गए और उसे जिंदा दफनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे। तभी वहां अचानक एक अनजान व्यक्ति आ गया, जिसे देख आरोपी घबराकर मौके से फरार हो गए। उस राहगीर ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर राजीव को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

साजिश की पुरानी परतें:

  • पहले भी हुए हमले: राजीव का आरोप है कि उसकी पत्नी पहले भी उसे खाने में जहर और पिसा हुआ कांच मिलाकर मारने की कोशिश कर चुकी है।
  • बेटे की गवाही: दंपती के 14 वर्षीय बड़े बेटे ने पिता के आरोपों की पुष्टि की है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी माँ अक्सर पिता से झगड़ती थी और पहले भी उन्हें जहर देने की कोशिश कर चुकी है।
  • विवाद की वजह: राजीव के अनुसार, उनकी पत्नी तलाक चाहती थी और गांव में रहने को तैयार नहीं थी, जिसके कारण वे बरेली में किराए के मकान में रह रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई
राजीव के पिता नेतराम की शिकायत पर इज्जतनगर पुलिस ने साधना और उसके भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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