बांग्लादेश के संसदीय चुनावों के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना के देश छोड़ने और अवामी लीग पर प्रतिबंध के बीच यह चुनाव संपन्न हुए।

चुनाव के मुख्य आकर्षण:

  • बीएनपी का दबदबा: ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, BNP और उसके सहयोगियों ने 208 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी और उसके गठबंधन ने 69 सीटों पर कब्जा किया है।
  • इतिहास रचेंगे तारिक रहमान: BNP नेता तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। वह पिछले 35 वर्षों में इस पद को संभालने वाले पहले पुरुष होंगे। इससे पहले यह पद शेख हसीना और खालिदा जिया (दो बेगमों) के पास ही रहा है।
  • अवामी लीग की गैरमौजूदगी: पिछले तीन दशकों में यह पहली बार था जब मतपत्रों (ballots) पर अवामी लीग का चुनाव चिह्न ‘नौका’ गायब था। अंतरिम सरकार द्वारा पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ सके। शेख हसीना ने दिल्ली से इन चुनावों को “अवैध” करार दिया है।
  • जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन: हालाँकि जमात दूसरे स्थान पर रही, लेकिन उनके प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत हासिल की है।
  • महिला उम्मीदवारों की जीत: अब तक 7 महिला उम्मीदवारों ने अपनी सीटों पर जीत दर्ज की है, जिनमें अफरोजा खानम रीता और तहसीना रुश्दी लूना जैसी प्रमुख BNP नेता शामिल हैं।
  • छात्र नेताओं का प्रदर्शन: शेख हसीना सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं की पार्टी ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ (NCP) ने 30 में से केवल 5 सीटों पर जीत हासिल की है।

आगे क्या?
बीएनपी 20 साल बाद सत्ता में लौट रही है। हालांकि, कुछ सीटों पर कानूनी विवादों के कारण परिणाम अभी स्थगित रखे गए हैं। तारिक रहमान के सामने अब देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और कानून-व्यवस्था बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी।

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