मुख्य सुर्खियां: बॉलीवुड का ‘Alt-Kapoor’: ग्लैमर छोड़ दादा शशि कपूर की कलात्मक विरासत संभाल रहे जहान कपूर। ‘फराज’ से ‘बैंडवाले’ तक: जहान कपूर ने चुनी लीक से हटकर भूमिकाएं, स्टार किड्स की स्थापित परंपरा को तोड़ा। थिएटर का जुनून और संजीदा अभिनय: जहान कपूर में दिखती है दादा शशि कपूर की झलक। बिना शोर-शराबे के बनाई पहचान: जहान कपूर ने कमर्शियल ‘लॉन्च’ के बजाय ‘कंटेंट’ को दी प्राथमिकता। विस्तृत समाचार रिपोर्ट: मुंबई: विरासत और हुनर का नया संगम हिंदी सिनेमा में जहाँ ‘कपूर’ सरनेम का मतलब अक्सर बड़ी व्यावसायिक फिल्में और ग्रैंड लॉन्च होता है, वहीं शशि कपूर के पोते जहान कपूर ने एक बिल्कुल अलग और शांत रास्ता चुना है। अपनी हालिया वेब सीरीज ‘बैंडवाले’ (Bandwaale) और फिल्म ‘फराज’ (Faraaz) के जरिए जहान ने साबित कर दिया है कि वे केवल एक ‘स्टार किड’ नहीं, बल्कि एक समर्पित अभिनेता बनना चाहते हैं। दादा शशि कपूर के नक्शेकदम परजहान कपूर के करियर के फैसले उनके दादा शशि कपूर की याद दिलाते हैं। शशि कपूर ने न केवल मुख्यधारा की व्यावसायिक फिल्में कीं, बल्कि ‘कलयुग’, ‘जुनून’ और ‘न्यू दिल्ली टाइम्स’ जैसी ऑफबीट फिल्मों के जरिए कलात्मक सिनेमा को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। जहान भी इसी ‘आर्टहाउस’ और ‘रियलिस्टिक’ सिनेमा की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। थिएटर से मिली मजबूतीजहान के अभिनय में जो ठहराव दिखता है, उसकी जड़ें पृथ्वी थिएटर में हैं। जिस थिएटर को शशि कपूर और जेनिफर कपूर ने सींचा, वहीं जहान ने अभिनय की बारीकियां सीखीं। यही कारण है कि वे हंसल मेहता की फिल्म ‘फराज’ में एक कठिन और भावनात्मक भूमिका निभाने में सफल रहे, जो एक वास्तविक आतंकी हमले पर आधारित थी। ग्लैमर पर भारी पड़ा हुनरजहान ने खुद को किसी खास इमेज में बांधने के बजाय ‘ब्लैक वारंट’ (Black Warrant) जैसी डार्क और मनोवैज्ञानिक सीरीज में काम किया। उनकी हालिया रिलीज ‘बैंडवाले’ में भी उन्होंने चमक-धमक वाले हीरो के बजाय एक संवेदनशील किरदार निभाया है। जहान का मानना है कि वे “दिखावे” से ज्यादा किरदार की “गहराई” में दिलचस्पी रखते हैं। निष्कर्ष:2026 के इस दौर में, जहाँ नेपोटिज्म पर बहस जारी है, जहान कपूर का सफर एक नई मिसाल पेश करता है। वे विरासत का भार तो ढो रहे हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर। वे बॉलीवुड के नए “Alt Kapoor” के रूप में उभर रहे हैं, जो चमक-धमक वाली दुनिया में अपनी संजीदगी से जगह बना रहे हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बांग्लादेश में हुए बड़े सत्ता परिवर्तन के बाद क्रिकेट के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत लौटने में असमर्थता जताई है।