केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारतीय कपड़ा निर्यातकों को भी ‘जीरो टैरिफ’ (शून्य शुल्क) की सुविधा मिलेगी, जो अमेरिका ने बांग्लादेश को दी है।

मुख्य बातें:

  • शून्य शुल्क की शर्त: पीयूष गोयल के अनुसार, यदि भारतीय कपड़ा व्यापारी अमेरिका से कपास या सूती धागा (Cotton Yarn) आयात करते हैं और उससे बने कपड़े वापस अमेरिका निर्यात करते हैं, तो उन पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा।
  • बांग्लादेश के साथ तुलना: मंत्री ने विपक्ष के उन दावों को खारिज कर दिया कि बांग्लादेश को भारत से बेहतर डील मिली है। उन्होंने कहा, “जैसा लाभ बांग्लादेश को मिला है, वैसा ही भारत को भी मिलेगा। भारत का फ्रेमवर्क एग्रीमेंट अभी तैयार हो रहा है, जिसके ‘फाइन प्रिंट’ में ये बातें और स्पष्ट हो जाएंगी।”
  • निर्यात दोगुना होने की उम्मीद: सरकार का अनुमान है कि इस डील के बाद भारत का कुल निर्यात 5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। इससे MSME क्षेत्र, मछुआरों और कामगारों को बड़ा फायदा होगा।
  • ट्रंप की घोषणा: पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने और रूसी तेल खरीद पर लगा दंडात्मक शुल्क हटाने की घोषणा की थी।
  • किसानों के लिए लाभ: किसानों की चिंताओं पर गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े बाजारों के दरवाजे खुलेंगे।

निष्कर्ष: इस डील से भारतीय गारमेंट एक्सपोर्टर्स को वैश्विक बाजार में एक समान अवसर (Level playing field) मिलेगा, जिससे वे बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के साथ मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

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