नई दिल्ली:
वैश्विक बाजारों में मची हलचल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिकॉर्ड ऊंचाई से लुढ़कने के बाद अब छोटे निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या इन कीमती धातुओं में निवेश करना अब भी ‘सेफ’ है या फिर इनकी चमक फीकी पड़ने वाली है।

बाजार का ताजा हाल:

  • सोना (Gold): भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत वर्तमान में ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम (₹15,400 प्रति ग्राम) के करीब चल रही है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,41,300 प्रति 10 ग्राम के आसपास है।
  • चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया है। प्रमुख शहरों में चांदी ₹2,54,900 प्रति किलोग्राम के करीब ट्रेड कर रही है। MCX पर यह ₹4,20,000 के अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी है।

क्या यह निवेश के लिए सही समय है? (एक्सपर्ट व्यू):

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट को ‘डर’ के बजाय ‘अवसर’ के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके पीछे मुख्य कारण ये हैं:

  1. सुरक्षित ठिकाना (Safe Haven): वैश्विक तनाव (जैसे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी) और शेयर बाजारों की अस्थिरता के समय सोना हमेशा सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
  2. सपोर्ट लेवल: एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने के लिए $4,500 से $4,700 (वैश्विक स्तर) और भारत में ₹1,45,000 के आसपास मजबूत सपोर्ट है। यानी इस स्तर पर खरीदार फिर से सक्रिय हो रहे हैं।
  3. बीमा की तरह काम: सोना और चांदी आपके पोर्टफोलियो के लिए बीमा (Insurance) की तरह हैं। जब मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ती है या रुपया कमजोर होता है, तब ये संपत्तियां आपकी वेल्थ को बचाती हैं।

निवेशकों के लिए सुझाव:

  • सारा पैसा एक साथ न लगाएं: कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए गिरावट आने पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate) करें।
  • लंबी अवधि का नजरिया: शॉर्ट टर्म सुधारों से घबराएं नहीं। लंबी अवधि में सोने और चांदी का अपट्रेंड (बढ़त का रुझान) बरकरार है।

निष्कर्ष:
सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि अनिश्चित समय में वित्तीय स्थिरता के स्तंभ हैं। यदि कीमतें ₹1,60,800 के स्तर को पार करती हैं, तो बाजार में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल सकता है।


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