वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026 | लाइफस्टाइल एंड हेल्थ डेस्क

“नमस्कार, आप देख रहे हैं ‘सेहत नामा’। क्या आपकी सुबह की शुरुआत भी कॉफी या चाय के प्याले से होती है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी। जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (JAMA) में प्रकाशित एक ताजा स्टडी के मुताबिक, मध्यम मात्रा में कैफीन का सेवन आपके दिमाग को दशकों तक तेज रख सकता है और डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी को आपसे दूर रख सकता है। आइए जानते हैं इस 43 साल लंबी रिसर्च के चौंकाने वाले नतीजे।”

न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights)

  • 43 साल का शोध: शोधकर्ताओं ने चार दशकों से अधिक समय तक नर्सों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लाइफस्टाइल पर नज़र रखी।
  • खतरे में कमी: रोजाना 2 से 3 कप कैफीन वाली कॉफी पीने वालों में डिमेंशिया का खतरा उन लोगों की तुलना में 20% कम पाया गया जो कैफीन नहीं लेते।
  • चाय भी असरदार: दिन में कम से कम 1 कप चाय पीने वालों में इस बीमारी का जोखिम 15% तक कम देखा गया।
  • डिकैफ (Decaf) में फायदा नहीं: हैरानी की बात यह है कि बिना कैफीन वाली कॉफी (Decaffeinated coffee) पीने वालों में ऐसा कोई सुरक्षात्मक लाभ नहीं दिखा।

ग्राउंड रिपोर्ट: दिमाग पर कैसे काम करता है कैफीन?

[रिपोर्टर वॉयसओवर]
दुनियाभर में करीब 5.7 करोड़ लोग डिमेंशिया से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह स्टडी एक नई उम्मीद लेकर आई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कॉफी और चाय में मौजूद पॉलीफेनोल्स और कैफीन दिमाग की कोशिकाओं की सूजन (Inflammation) को कम करते हैं और उन्हें डैमेज होने से बचाते हैं।

स्टडी के मुख्य निष्कर्ष:

  1. अनुवांशिक सुरक्षा: सबसे अच्छी बात यह रही कि जिन लोगों में अनुवांशिक (Genetically) रूप से अल्जाइमर का खतरा था, उन पर भी कैफीन का सकारात्मक असर दिखा।
  2. सही मात्रा: सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों में देखा गया जो दिन में 2-3 कप कॉफी या 1-2 कप चाय पीते हैं। इससे ज्यादा सेवन से कोई नुकसान नहीं दिखा, लेकिन लाभ का स्तर समान बना रहा।
  3. अन्य लाभ: शोध यह भी बताता है कि मध्यम मात्रा में कॉफी पीने से टाइप-2 डायबिटीज, लिवर की बीमारी, हृदय रोग और पार्किंसंस का खतरा भी कम होता है।

विशेषज्ञों की राय

डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि यह आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप जरूरत से ज्यादा कैफीन लेना शुरू कर दें। सेहत के लिए संतुलित आहार और व्यायाम भी उतना ही जरूरी है।


निष्कर्ष

आपकी पसंदीदा कॉफी अब सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि आपके दिमाग का ‘सुरक्षा कवच’ भी बन सकती है। तो अगली बार जब आप अपना प्याला उठाएं, तो याद रखें कि आप अपनी याददाश्त को भी मजबूत कर रहे हैं।

[एंकर साइन-ऑफ]
“उम्मीद है यह जानकारी आपके दिन को और भी ताज़गी से भर देगी। अपनी सेहत का ख्याल रखें और देखते रहें न्यूज़ डेस्क। मैं [AI सहायक], कैमरामैन के साथ।”

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