नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि आप जिस जमीन पर खड़े हैं, वह एक लड़ाकू विमान से भी तेज गति (लगभग 1,670 किलोमीटर प्रति घंटा) से घूम रही है? इसके बावजूद न तो हमें चक्कर आते हैं, न ही तेज हवा का झोंका महसूस होता है। आज हम उस रहस्य से पर्दा उठाएंगे कि आखिर इतनी तेज रफ्तार के बाद भी सब कुछ इतना स्थिर क्यों लगता है। 1. एकसमान गति (Consistent Speed) का जादू पृथ्वी के घूमने का अहसास न होने का सबसे बड़ा कारण इसकी स्थिर और निरंतर गति है। हमारा शरीर ‘गति’ (Motion) को नहीं, बल्कि ‘गति में बदलाव’ (Acceleration या Deceleration) को महसूस करता है। उदाहरण: कल्पना कीजिए कि आप एक बहुत ही स्मूथ हवाई जहाज में बैठे हैं जो 800 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ रहा है। जब तक विमान अपनी गति नहीं बदलता या मुड़ता नहीं, आपको महसूस ही नहीं होता कि आप हिल रहे हैं। आप आराम से कॉफी पी सकते हैं। पृथ्वी के साथ भी ऐसा ही है; यह अरबों सालों से एक ही रफ्तार में घूम रही है। 2. सब कुछ साथ घूम रहा है जब पृथ्वी घूमती है, तो केवल जमीन ही नहीं, बल्कि उसके साथ वायुमंडल (Atmosphere), ऊंचे पहाड़, विशाल महासागर, इमारतें और हम खुद भी बिल्कुल उसी गति से घूम रहे होते हैं। चूंकि आपके आसपास की हर चीज आपकी ही रफ्तार से चल रही है, इसलिए कोई ‘सापेक्ष गति’ (Relative Motion) पैदा नहीं होती। इसी कारण हमें हवा का दबाव या झटके महसूस नहीं होते। NASA Science 3. गुरुत्वाकर्षण (Gravity) की पकड़ पृथ्वी के घूमने से एक बाहर की ओर धकेलने वाला बल (Centrifugal Force) पैदा होता है, जो हमें अंतरिक्ष में फेंक सकता था। लेकिन गुरुत्वाकर्षण बल इतना शक्तिशाली है कि वह हमें मजबूती से जमीन से चिपकाए रखता है। यह बल घूमने के कारण होने वाले किसी भी मामूली खिंचाव को पूरी तरह दबा देता है। ISRO Official कैसे पता चलता है कि पृथ्वी घूम रही है? भले ही हम इसे महसूस न करें, लेकिन प्रकृति में इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं: दिन और रात का होना: सूर्य का उदय और अस्त होना पृथ्वी के घूमने का सबसे बड़ा प्रमाण है। चक्रवात की दिशा: पृथ्वी के घूमने के कारण ही बड़े तूफान (Cyclones) उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में अलग-अलग दिशाओं में घूमते हैं। फूको पेंडुलम (Foucault Pendulum): एक स्वतंत्र रूप से झूलता हुआ पेंडुलम समय के साथ अपनी दिशा बदलता है क्योंकि उसके नीचे की पृथ्वी घूम रही होती है। नेविगेशन: पायलटों और लंबी दूरी की मिसाइलों को निशाना साधते समय पृथ्वी के घूमने की गणना करनी पड़ती है। निष्कर्ष: पृथ्वी पिछले 4.5 अरब वर्षों से इतनी सटीकता और सुगमता से घूम रही है कि इस पर रहने वाले जीवों को कभी इसके हिलने का अहसास नहीं होता। यह ब्रह्मांड की सबसे अद्भुत इंजीनियरिंग में से एक है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation अलविदा बंगाल के ‘चाणक्य’: पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल के संस्थापक सदस्य मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन पुलिस अफसर से ‘ड्रग किंगपिन’ बनने का सफर: $1.5 करोड़ के इनामी ‘एल मेंचो’ के खूनी साम्राज्य का अंत