लंदन में 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे तारिक रहमान अब बांग्लादेश की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। उनकी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), राष्ट्रीय चुनावों में दो-तिहाई बहुमत के साथ एक ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। मुख्य बातें: दो सीटों से जीत: 60 वर्षीय तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6, दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है। चुनाव आयोग के अनौपचारिक आंकड़ों ने उनकी भारी जीत की पुष्टि की है। अंतरराष्ट्रीय बधाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘X’ पर पोस्ट कर तारिक रहमान को इस “निर्णायक जीत” के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। वहीं, अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन ने भी इसे एक “ऐतिहासिक जीत” बताया है। कौन हैं तारिक रहमान? वह पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और तीन बार की प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे हैं। अपनी माँ के निधन के बाद वह BNP के अध्यक्ष बने। उन्हें 2001-2006 के दौरान “डार्क प्रिंस” के रूप में जाना जाता था, जब उन्होंने ‘हवा भवन’ से एक समानांतर सरकार चलाई थी। संघर्षपूर्ण अतीत: 2007 में गिरफ्तारी और हिरासत में कथित प्रताड़ना के बाद वह इलाज के लिए लंदन चले गए थे। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और हत्या की साजिश के कई आरोप थे, जिन्हें 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद पलट दिया गया। भारत के साथ रिश्तों पर रुख: तारिक रहमान ने कहा है कि वह भारत के साथ “पारस्परिक सम्मान और समझ” पर आधारित रिश्ता चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य के संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि दिल्ली शेख हसीना (जो फिलहाल भारत में हैं) के मुद्दे को कैसे संभालती है। आगे की राह: BNP ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे सड़कों पर जश्न मनाने के बजाय शुक्रवार को प्रार्थना कर अपनी जीत का आभार जताएं। तारिक रहमान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती देश की सुरक्षा व्यवस्था को बहाल करना और पड़ोसी देशों के साथ बिगड़े कूटनीतिक रिश्तों को सुधारना होगी। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई: “एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा भारत” पीएम मोदी पर ट्रंप की टिप्पणी: भारत सरकार ने कहा- “वीडियो की सच्चाई जाँचकर उचित कार्रवाई करेंगे”