नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस की SWAT टीम में तैनात 27 वर्षीय कमांडो काजल की हत्या ने पूरे सिस्टम और समाज को झकझोर दिया है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस जहरीली सोच पर सवाल है जो दहेज और घरेलू हिंसा के रूप में आज भी मौजूद है। घटना का विवरण काजल चार महीने की गर्भवती थीं। आरोप है कि उनके पति अंकुर ने दहेज को लेकर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। हत्या से कुछ मिनट पहले की एक फोन कॉल इस केस का सबसे अहम सबूत बन गई है। कॉल पर आरोपी पति ने कहा – “मैं तेरी बहन को मार रहा हूं, कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख।” यह वारदात लाइव कॉल पर सुनाई दी और अब जांच का मुख्य आधार है। बड़ा सवाल काजल प्रशिक्षित पुलिस कमांडो थीं, जिन्हें कानून की जानकारी और वर्दी की ताकत हासिल थी। इसके बावजूद वे घरेलू हिंसा और दहेज की मांग के आगे बेबस हो गईं। यह घटना दिखाती है कि कानून और ताकत भी कई बार घरेलू हिंसा के सामने कमजोर पड़ जाते हैं। निष्कर्ष काजल की मौत ने यह कड़वा सच उजागर किया है कि दहेज और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयाँ आज भी हमारे समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए हैं। यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और सिस्टम के लिए चेतावनी है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation संसद में हंगामा: विपक्ष पर बरसे स्पीकर ओम बिरला, लोकसभा में तख्तियों के साथ नारेबाजी पर मर्यादा का पाठ पढ़ाया Shifting Power Structures In Twenty-First Century International Political Governance