नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर सिर्फ शेयर बाजार पर ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार पर भी साफ दिखा। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 119 पैसे मजबूत होकर 90.30 पर पहुंच गया। क्यों बढ़ा रुपया? अमेरिका ने मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया। इससे भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई और विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद बढ़ी। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, यह कदम भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। डॉलर की स्थिति अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया पिछले बंद स्तर 91.49 से बढ़कर 90.30 पर खुला। डॉलर इंडेक्स (जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दिखाता है) 0.20% गिरकर 97.43 पर आ गया। अन्य वैश्विक संकेतक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.41% गिरावट रही और कीमत 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 1,832.46 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन ट्रेड डील के बाद उनकी वापसी की संभावना बढ़ गई है। 📌 निष्कर्ष: भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने रुपये को मजबूती दी है। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होना आम लोगों के लिए राहत की खबर है क्योंकि इससे आयातित वस्तुएं सस्ती होंगी और महंगाई पर दबाव कम होगा। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation शेयर बाजार में धमाका: भारतीय निवेशकों ने एक झटके में कमाए 20 लाख करोड़ 🚀 अदिति चौहान का शानदार करियर ✨⚽