नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत अमेरिकी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। यह कदम भारतीय निर्यातकों, खासकर गारमेंट, लेदर और फुटवियर सेक्टर के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कई कंपनियां जो हाल ही में भारी डिस्काउंट देकर कारोबार चला रही थीं या एक्सपोर्ट बंद कर चुकी थीं, अब इस डील से राहत महसूस कर रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार का दावा कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने इस डील को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि यह समझौता केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को टैरिफ में राहत देकर अपने घरेलू उद्योगों और किसानों के लिए नए अवसर बनाने की कोशिश की। पत्रकारों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी चुनावी राजनीति और वैश्विक रणनीति से जुड़ा हो सकता है। इसे “साजिश” कहने का आशय यह है कि अमेरिका ने भारत को राहत देकर अपने निर्यातकों और किसानों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराया है। भारत का दृष्टिकोण भारत ने इस डील का स्वागत किया है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे दोनों लोकतंत्रों के बीच अभूतपूर्व सहयोग बताया। सरकार ने साफ किया है कि कृषि और डेयरी सेक्टर में कोई समझौता नहीं होगा और भारतीय किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे। भारतीय निर्यातकों के लिए यह डील खासकर समर सीजन के ऑर्डर्स और आने वाले महीनों में बड़ा सहारा बनेगी। निष्कर्ष यह ट्रेड डील भारतीय निर्यातकों के लिए राहत और अमेरिकी किसानों के लिए अवसर लेकर आई है। पत्रकारों का खुलासा इस बात पर जोर देता है कि आर्थिक समझौते अक्सर राजनीतिक और रणनीतिक हितों से भी जुड़े होते हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारत-चीन FTA की संभावनाएं: क्या होगा असर? 🌏 राहुल गांधी, जनरल नरवणे और चीन विवाद पर बयानबाज़ी 🇮🇳🌏