टोक्यो – जापान की राजनीति इन दिनों किसी फिल्मी कहानी जैसी लग रही है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची (64 वर्ष) अचानक युवाओं की पसंदीदा नेता बन गई हैं। उनकी लोकप्रियता को जापान में नाम दिया गया है “सना-कात्सु” यानी सनाय की दीवानगी। सनाय क्रेज: राजनीति में पॉप-कल्चर जैसा जुनून उनके हाथ में दिखने वाला हैंडबैग बाजार से गायब हो चुका है। उनकी गुलाबी पेन सोशल मीडिया पर वायरल है। उनके पसंदीदा स्नैक्स दुकानों में मिलना मुश्किल हो गए हैं। यह क्रेज आमतौर पर फिल्मी सितारों या पॉप आइकन के लिए देखा जाता है, लेकिन इस बार राजनीति में दिखाई दे रहा है। चुनावी असर युवाओं में सनाय का क्रेज तेजी से फैल रहा है। सर्वे बता रहे हैं कि रविवार को होने वाले आम चुनाव में उनकी सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार 465 सीटों वाले निचले सदन में 300 तक सीटें जीत सकती है। इसे हाल के वर्षों में जापानी राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। पृष्ठभूमि डेढ़ साल पहले तक जापान राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री को दोनों सदनों में नियंत्रण खोने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। सनाय ने सत्ता संभालने के बाद न सिर्फ स्थिरता दी बल्कि युवाओं के दिलों में जगह बना ली। युवाओं को क्यों पसंद आईं सनाय? सनाय ताकाइची लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। संसद और मंत्रालयों में वर्षों का अनुभव। प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका स्टाइल और व्यक्तित्व युवाओं को आकर्षित कर रहा है। उनका जन्म 7 मार्च 1961 को हुआ था, यानी महिला दिवस से ठीक एक दिन पहले। 📌 निष्कर्ष: जापान में सनाय ताकाइची की लोकप्रियता राजनीति को एक नए रंग में पेश कर रही है। युवाओं के बीच उनका क्रेज चुनावी नतीजों को ऐतिहासिक बना सकता है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 32 घंटे का जाम: पूरी कहानी भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रूस का रिएक्शन