UPSC CSE eligibility: नए बदलावों के साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। इस बार से एग्जाम सेंटर पर AI फेस ऑथेंटिकेशन होगा। सेवा में रहते हुए बार-बार एग्जाम नहीं दे सकते है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लगभग 933 वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 04 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग ( यूपीएससी ) की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर 24 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स एग्जाम मई में

सिविल सेवा (UPSC CSE) का प्रीलिम्स एग्जाम 24 मई 2026 को आयोजित किया जा सकता है। इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फेस ऑथेंटिकेशन होगा। सुरक्षित और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि फेस ऑथेंटिकेशन/पहचान सत्यापन और तलाशी के लिए परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंच

कौन कर सकता है अप्लाई?

  • शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री वाले उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए योग्य हैं। इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के लिए एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री या इसके बराबर योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
  • आयु सीमा: योग्य उम्मीदवारी की उम्र 01 अगस्त 2026 को कम से कम 21 साल और अधिकतम 32 साल तक ही होनी चाहिए। यानी जन्म 2 अगस्त, 1994 से पहले और 1 अगस्त, 2005 के बाद नहीं होना चाहिए। UPSC परीक्षा 2026 के अनुसार आयु में अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें।

पाकिस्तान समेत 14 देशों से आए लोग भी दे सकते हैं UPSC एग्जाम

जी हां, आपको जानकर शायद हैरानी हो सकती है लेकिन पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, तंजानिया गणराज्य समेत 14 देशों से आए लोग भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देकर भारत सरकार में अफसर बन सकते हैं। यूपीएससी द्वारा जारी नोटिफिकेशन में साफ गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए, एक उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए। लेकिन अन्य सेवाों के लिए दूसरे देशों से आए उम्मीदवार भी एग्जाम दे सकते हैं।

अन्य सेवाओं के लिए, एक उम्मीदवार या तो भारत का नागरिक हो, या नेपाल का नागरिक हो, या भूटान का नागरिक हो, या एक तिब्बती शरणार्थी हो जो 1 जनवरी, 1962 से पहले भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से भारत आया हो। इसके अलावा भारतीय मूल का वो शख्स जो पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, तंजानिया गणराज्य, जाम्बिया, मलावी, जैरे, इथियोपिया और वियतनाम से भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए कैंडिडेट्स भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बैठ सकते हैं।

बस ये है शर्त

बशर्ते कि ऐसे उम्मीदवारों के पक्ष में भारत सरकार द्वारा एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी किया गया हो। जिस उम्मीदवार के मामले में पात्रता प्रमाण पत्र जरूरी है, उसे परीक्षा में शामिल किया जा सकता है, लेकिन नियुक्ति का प्रस्ताव तभी दिया जाएगा जब भारत सरकार द्वारा आवश्यक पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अधिक जानकारी के लिए यूपीएससी सीएसई 2026 नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें।

यूपीएससी सीएसई नियम बदले

बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में इस बार बड़ा बदलाव हुआ है। सबसे बड़ा बदलाव, सेवा में रहते हुए बार-बार एग्जाम देने पर सख्ती है। आयोग ने साफ कहा है कि IAS, IPS, IFS समेत अन्य सेवाओ में रहते हुए आवेदन का सिर्फ एक मौका मिलेगा। अगर रैंक सुधारने के लिए एक से ज्यादा बार एग्जाम देना है तो अपने पद से इस्तीफा देकर अप्लाई करना होगा। इसके अलावा आईपीएस दूसरी बार आईपीएस नहीं चुन सकते है।

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