भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत शुरू करने के लिए शर्तों पर सहमति बना ली है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत और छह देशों वाले इस समूह—संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, क़तर, कुवैत, बहरीन और ओमान—ने “टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस” (ToR) पर हस्ताक्षर किए हैं। गोयल ने कहा कि यह मज़बूत व्यापारिक व्यवस्था वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देगी और निवेश को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस समझौते से भारत को ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिलेगी, जो हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है। हालिया पृष्ठभूमि यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौता अंतिम रूप दिया है और अमेरिका के साथ भी व्यापारिक समझौता किया है। इसके अलावा, कुछ ही सप्ताह पहले UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान भारत आए थे। उनकी यह यात्रा केवल तीन घंटे की थी, लेकिन इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग की पूरी रूपरेखा पर चर्चा की। भारत और खाड़ी देशों के मौजूदा रिश्ते भारत और GCC के बीच व्यापार वार्ता पहले भी 2006 और 2008 में शुरू हुई थी, लेकिन अब यह फिर से आगे बढ़ रही है। भारत सऊदी अरब और क़तर से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है। वहीं, भारत इन देशों को मोती, कीमती व अर्ध-कीमती पत्थर, धातुएँ, आभूषण, विद्युत उपकरण, लोहा-इस्पात और रसायन निर्यात करता है। भारत ने मई 2022 में UAE के साथ मुक्त व्यापार समझौता लागू किया था। दिसंबर 2025 में भारत और ओमान ने मस्कट में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए। क्षेत्रीय समीकरण भारत और GCC के बीच यह नया कदम ऐसे समय में आया है जब UAE ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन का प्रस्ताव छोड़ दिया है। यह निर्णय UAE राष्ट्रपति की भारत यात्रा के कुछ ही दिनों बाद सामने आया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। इसके अलावा, सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक सामरिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत किसी भी देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया था। ऐसे में भारत और GCC के बीच नई व्यापारिक पहल को नई दिल्ली और रियाद के रिश्तों को मज़बूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation एनडीए दलित सांसदों का प्रतिनिधिमंडल लोकसभा अध्यक्ष से मिला, विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई की मांग रखी भारत फिर से जीसीसी के साथ मुक्त व्यापार समझौते की राह पर, सऊदी-पाक गठजोड़ और यूएई से खटास के बीच नई रणनीतिक पहल