“बहादुरी की मिसाल: इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने बचाई कई जानें,

फरीदाबाद में बीती शाम जो हुआ उसने हरियाणा समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. मशहूर सूरजकुंड मेले में शाम हुए झूले वाले हादसे ने दो जिंदगियां निगल लीं और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए. इसमें एक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की भी मौत हुई है.हालांकि उनकी मौत को शहादत का नाम दें तो गलत नहीं होगा. इंस्पेक्टर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कई लोगों की जान बचाई.एसएचओ पद पर तैनात जगदीश प्रसाद की इस शहादत की हर ओर चर्चा है. डीजीपी ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके परिवार को ₹1 करोड़ की सहायता और अन्य विभागीय लाभ देने की बात कही है

इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने तुरंत साहस और तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया. लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करते समय वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अफसोस इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.

कौन हैं इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद?

SHO जुगल किशोर मूल रूप से मथुरा के रहने वाले थे.स्वर्गीय इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निवासी थे.उनका जन्म 5 मार्च 1968 को हुआ था.उन्हें 31 जनवरी 2026 को पलवल पुलिस लाइन से सूरजकुंड मेले की ड्यूटी पर तैनात किया गया था.विभाग में वे अपनी निष्ठा,अनुशासन और जिम्मेदारी के लिए जाने जाते थे. बता दें कि जगदीश प्रसाद सूरजकंड मेले के लिए नियुक्त किए गए थे. और अगले महीने रिटायर भी होने वाले थे.

कैसे हुआ हादसा पहले जानिए

फरीदाबाद के सूरजकुंड में शनिवार की शाम आम शाम की तरह नहीं थी. लोग मेले का आनंद ले रहे थे तभी शाम 6 बजे अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को चौंका दिया. मेले का एक विशालकाय झूला अचानक चलते-चलते टूट गया. मेला टूटते ही कोहराम मच गया. लोग चारों ओर भागने लगे.झूले में तकनीकी खराबी के चलते हुए इस हादसे के बाद से राहत-बचाव कार्य शुरू हो गया. इस घटना में घायल लोगों के देवदूत बनकर आए एसएचओ जगदीश प्रसाद. उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए सुरक्षित लोगों को बाहर निकालने में लग गए.

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