केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय कपड़ा निर्यातकों की चिंता दूर करते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को होने वाले भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर वही फायदे मिलेंगे, जो वॉशिंगटन ने हाल ही में बांग्लादेश को दिए हैं। मुख्य बातें: ड्यूटी में छूट: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत, यदि भारतीय निर्यातक अमेरिका से सूती धागे (Cotton Yarn) का आयात करते हैं, तो उन्हें निर्यात पर विशेष ड्यूटी लाभ मिलेगा। यह कदम भारतीय कपड़ों को अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। बांग्लादेश के साथ बराबरी: हाल ही में अमेरिका ने बांग्लादेशी सामानों पर टैरिफ घटाकर 19% कर दिया था और अमेरिकी कॉटन का उपयोग करने वाले उत्पादों को पूरी छूट दी थी। भारत के कपड़ा निर्यातक चिंतित थे कि इससे बांग्लादेश को बढ़त मिल जाएगी, लेकिन अब भारत को भी वैसी ही सुविधा मिलेगी। ट्रंप का व्यापार समझौता: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिसमें भारतीय सामानों पर पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 25% दंडात्मक शुल्क को भी हटा दिया गया है। किसानों की चिंता और सरकार का पक्ष: भारत में किसान इस बात से चिंतित हैं कि कम टैरिफ के बदले कृषि क्षेत्र में बहुत अधिक रियायतें दी गई हैं। इसके जवाब में पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि 90%-95% कृषि उत्पाद इस समझौते से बाहर हैं। डेयरी, पोल्ट्री और जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं किया गया है। सुरक्षित उत्पाद: सरकार ने फल, सब्जियां, इथेनॉल, तंबाकू, दालें और बाजरा (millets) जैसे उत्पादों के हितों को सुरक्षित रखा है। निष्कर्ष: पीयूष गोयल के इस स्पष्टीकरण से कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली होड़ में भारतीय निर्यातकों को बराबरी का मौका मिलेगा। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बांग्लादेश चुनाव: तारिक रहमान की BNP की प्रचंड जीत, जमात-ए-इस्लामी ने मानी हार भारत में दुनिया का पहला ‘ग्लोबल साउथ’ AI समिट: बिल गेट्स, सुंदर पिचाई और टोनी ब्लेयर होंगे शामिल