नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक भारत अपना पहला ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट’ आयोजित करने जा रहा है। यह ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला वैश्विक शिखर सम्मेलन है।

मुख्य बातें:

  • तीन ‘सूत्रों’ पर आधारित: इस समिट की थीम तीन संस्कृत सूत्रों— लोग (People), ग्रह (Planet) और प्रगति (Progress) पर टिकी है।
  • दिग्गज टेक लीडर्स की मौजूदगी: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुख इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे:
    • सुंदर पिचाई (गूगल और अल्फाबेट सीईओ)
    • सैम ऑल्टमैन (OpenAI सीईओ)
    • बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक)
    • जेन्सेन हुआंग (NVIDIA के संस्थापक और सीईओ)
    • शंतनु नारायण (Adobe सीईओ)
  • भारतीय उद्योगपति: भारत की ओर से नंदन नीलेकणी (इन्फोसिस), एन. चंद्रशेखरन (टाटा संस), रोशनी नाडर मल्होत्रा (HCL टेक) और सुनील भारती मित्तल (भारती एंटरप्राइजेज) जैसे दिग्गज शामिल होंगे।
  • AI के ‘गॉडफादर’ भी आएंगे: प्रसिद्ध AI शोधकर्ता योशुआ बेंगियो (AI के गॉडफादर माने जाने वाले) और यान लेकन (AMI लैब्स संस्थापक) भी अपनी रिसर्च साझा करेंगे। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी आमंत्रित अतिथियों में शामिल हैं।
  • रिसर्च और पॉलिसी पर जोर: 18 फरवरी को एक विशेष रिसर्च सिंपोजियम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 250 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए हैं। इसका उद्देश्य AI के जरिए समावेशी विकास और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

महत्व: यह समिट सियोल, यूके और फ्रांस में हुए पिछले AI सुरक्षा सम्मेलनों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करेगा।

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