“ऑनलाइन परीक्षा में धांधली, STF ने देहरादून में अंडरग्राउंड सर्वर रैकेट का भंडाफोड़ किया”

उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर एग्जाम फ्रॉड का खुलासा किया है. यह कार्रवाई देहरादून स्थित एमकेपी कॉलेज में संचालित “महादेव डिजिटल सेंटर” नाम के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर की गई है. मामला Staff Selection Commission (SSC) की मल्टी टास्किंग (ग्रुप‑C, क्लास‑4) परीक्षा से जुड़ा है, जहां तकनीकी छेड़छाड़ कर परीक्षार्थियों की जगह पेपर किसी और से रिमोट तरीके से हल करवाने का आरोप है.

जांच में STF को पता चला कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम में जमीन के नीचे एक गुप्त भूमिगत संरचना बनाई गई थी. इस गुप्त कक्ष में राउटर, कनेक्टर, स्विच और कई इथरनेट केबल्स बिछाए गए थे, जिससे पूरा सिस्टम बाहरी नेटवर्क से जोड़ा जा सकता था. इसके जरिए असली IP एड्रेस को बाईपास कर परीक्षा सिस्टम को हैक‑जैसे तरीके से नियंत्रित किया जा रहा था.

आरोप है कि परीक्षा देते समय कंप्यूटर स्क्रीन पर ऐसा दिखता था कि उम्मीदवार खुद प्रश्न हल कर रहा है, जबकि असल में पेपर कहीं और बैठा व्यक्ति रिमोट एक्सेस के जरिए हल कर रहा था और सबमिट कर रहा था. STF के अनुसार, इस सुविधा के बदले अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी और पूरा नेटवर्क बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा था.

उत्तर प्रदेश STF की मदद से की गई इस कार्रवाई में तकनीकी टीम ने मौके पर सभी उपकरण जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह देश में संभवतः ऐसा पहला मामला है, जिसमें पूरा परीक्षा केंद्र ही भूमिगत सर्वर सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जा रहा था. पुलिस का कहना है कि यह साधारण नकल या पेपर लीक नहीं, बल्कि एक हाई‑टेक संगठित रैकेट है, जिसमें साइबर विशेषज्ञों की भी संलिप्तता हो सकती है.

Latest and Breaking News on NDTV

STF अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है, क्योंकि नेटवर्क काफी बड़ा दिख रहा है. फिलहाल सभी डिजिटल उपकरण, सर्वर लॉग और नेटवर्क सिस्टम फॉरेंसिक जांच में भेज दिए गए हैं. पुलिस ने परीक्षा केंद्र संचालकों और जुड़े लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस का मानना है कि यह मामला देशभर में ऑनलाइन परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है. जांच जारी है और STF का दावा है कि इस केस में आगे कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *