ढाका/नई दिल्ली | “नमस्कार, आप देख रहे हैं ग्लोबल रिपोर्ट। बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के बाद विदाई तो ले ली है, लेकिन अपने आखिरी भाषण में उन्होंने भारत के खिलाफ एक बार फिर ज़हर उगला है। यूनुस ने भारत के उत्तर-पूर्व राज्यों यानी ‘सेवन सिस्टर्स’ का जिक्र कुछ इस अंदाज में किया जिससे कूटनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।” न्यूज़ हेडलाइन्स उकसाने वाला विदाई भाषण: मोहम्मद यूनुस ने अपने 25 मिनट के भाषण में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (Seven Sisters) को भारत का हिस्सा बताए बिना उन्हें बांग्लादेश के लिए ‘ gateway’ बताया। भारत को ‘विलेन’ दिखाने की कोशिश: यूनुस ने कहा कि अब बांग्लादेश किसी का ‘दब्बू’ (Submissive) बनकर नहीं रहेगा, जिसे सीधे तौर पर भारत पर निशाना माना जा रहा है। चीन से बढ़ती नजदीकियां: विदाई भाषण में चीन का गुणगान किया और विवादित तीस्ता नदी परियोजना में बीजिंग के साथ प्रगति का दावा किया। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने यूनुस की मानसिकता को “खतरनाक” करार दिया है। विस्तृत रिपोर्ट: क्या है यूनुस का ‘खतरनाक’ इरादा? [रिपोर्टर वॉयसओवर]मोहम्मद यूनुस के 18 महीने के शासनकाल में भारत-बांग्लादेश संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। अपने आखिरी संबोधन में उन्होंने फिर से ‘सेवन सिस्टर्स’ का राग अलापा। यूनुस के भाषण के विवादित अंश: सेवन सिस्टर्स पर नजर: यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का समुद्री मार्ग ‘सेवन सिस्टर्स’, नेपाल और भूटान के लिए समृद्धि का द्वार खोल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का नाम लिए बिना इन राज्यों का जिक्र करना उन्हें एक अलग इकाई के रूप में पेश करने की चाल है। दब्बू विदेश नीति का अंत: उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश अब किसी देश (इशारा भारत की ओर) के निर्देश या सलाह पर निर्भर नहीं है और अपनी स्वतंत्र रक्षा करने में सक्षम है। चीन कार्ड: यूनुस ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन्स नेक’ के पास स्थित तीस्ता प्रोजेक्ट में चीन को शामिल करने की वकालत की, जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। भारत के विशेषज्ञों का प्रहार महेश जेठमलानी (वरिष्ठ वकील): “यूनुस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भारत को एक ‘बाहरी विलेन’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।” कंवल सिब्बल (पूर्व विदेश सचिव): “भारत का उल्लेख किए बिना सेवन सिस्टर्स की बात करना इस व्यक्ति और उनके करीबियों की खतरनाक मानसिकता को दर्शाता है।” आगे क्या? यूनुस की विदाई के बाद अब सबकी नजरें बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर टिकी हैं। क्या भारत और बांग्लादेश के संबंधों में ‘रीसेट’ का बटन दबेगा या यूनुस द्वारा बोए गए भारत-विरोधी बीज संबंधों को और कड़वा करेंगे, यह आने वाला वक्त बताएगा। [एंकर साइन-ऑफ]“मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल हिंसा, अल्पसंख्यकों पर हमले और भारत से दूरी के लिए याद किया जाएगा। न्यूज़ डेस्क से मैं [आपका नाम], कैमरामैन के साथ।” FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation दिल्ली में ‘रील’ के चक्कर में गई 23 साल के युवक की जान! अंधेरे में कतार बनाकर सड़क पार करतीं बत्तखें”