नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026 | डिफेंस एंड टेक डेस्क

“नमस्कार, आप देख रहे हैं ‘डिफेंस वॉच’। दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय सेना ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह भविष्य की चुनौतियों के लिए कितनी तैयार है। सेना ने ‘नभ दृष्टि’ और ‘XFace’ जैसे कई स्वदेशी एआई (AI) सिस्टम पेश किए हैं, जो न केवल सरहदों की रक्षा करेंगे, बल्कि आपदा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा में भी गेम-चेंजर साबित होंगे। आइए जानते हैं सेना के इन ‘सुपर सिस्टम्स’ के बारे में।”

न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights)

  • स्वदेशी ताकत: भारतीय सेना ने पूरी तरह भारत में विकसित एआई समाधानों का प्रदर्शन किया, जो रक्षा (Defence) और नागरिक (Civilian) दोनों क्षेत्रों में काम आएंगे।
  • नभ दृष्टि और XFace: ‘नभ दृष्टि’ रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए एक मोबाइल प्लेटफॉर्म है, जबकि ‘XFace’ चेहरे की पहचान के जरिए सुरक्षा और पहचान सुनिश्चित करेगा।
  • आपदा प्रबंधन: ‘प्रक्षेपण’ (PRAKSHEPAN) नाम का सिस्टम बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन की सटीक भविष्यवाणी कर पहले ही अलर्ट जारी कर देगा।
  • सुरक्षित क्लाउड: सेना ने ‘एकम’ (EKAM) नाम का अपना सुरक्षित एआई क्लाउड प्लेटफॉर्म भी पेश किया है, जो डेटा की संप्रभुता सुनिश्चित करेगा। 

ग्राउंड रिपोर्ट: सेना के 5 क्रांतिकारी एआई सिस्टम

[रिपोर्टर वॉयसओवर]
भारतीय सेना का लक्ष्य एक ‘नेटवर्क्ड और एआई-पावर्ड’ इकोसिस्टम बनाना है। समिट में पेश किए गए सिस्टम्स की सूची काफी लंबी और प्रभावशाली है।

मुख्य सिस्टम्स की खूबियां:

  1. ड्राइवर थकान डिटेक्शन: वाहनों के काफिले में ड्राइवरों को झपकी आने पर यह डिवाइस रियल-टाइम अलर्ट देगा, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।
  2. AI-इन-ए-बॉक्स: यह एक पोर्टेबल कंप्यूटिंग सिस्टम है जिसे दूरदराज के इलाकों और कठिन परिस्थितियों में तैनात किया जा सकता है।
  3. SAM-UN: यह मिशन प्लानिंग और स्मार्ट कमांड सेंटर के लिए एक ‘जियोस्पेशियल’ टूल है, जो युद्ध और आपदा दोनों समय सटीक जानकारी देगा।
  4. डीपफेक डिटेक्शन: साइबर खतरों से निपटने के लिए सेना ने डीपफेक और मैलवेयर को पहचानने वाले एआई टूल्स भी विकसित किए हैं।
  5. एआई एग्जामिनर: सैनिकों की ट्रेनिंग और शिक्षा के लिए एक ऑटोमेटेड असेसमेंट और फीडबैक प्लेटफॉर्म।

डिफेंस इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन

एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इंफॉर्मेशन (ADG PI) के मुताबिक, ये तकनीकें न केवल युद्ध की तैयारी को मजबूत करेंगी, बल्कि देश के साइबर स्पेस और रसद (Logistics) प्रबंधन को भी आधुनिक बनाएंगी।


निष्कर्ष

भारतीय सेना का यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को मजबूती देता है। अब भारत की रक्षा प्रणाली केवल विदेशी तकनीक पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारे अपने एआई सिस्टम सीमाओं पर तैनात होने के लिए तैयार हैं।

[एंकर साइन-ऑफ]
“भारतीय सेना की यह डिजिटल छलांग हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

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