वॉशिंगटन/तेहरान:अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका ने मध्य पूर्व (Middle East) में इराक युद्ध (2003) के बाद अपनी सबसे बड़ी वायु सेना और नौसैनिक बेड़े को तैनात किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना इस सप्ताह के अंत तक हमले के लिए तैयार है और अब केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। सैन्य तैनाती का मुख्य विवरण: आसमान में महाशक्ति: अमेरिका ने F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रन तैनात किए हैं। यह दशकों में इस क्षेत्र में अमेरिकी वायु शक्ति का सबसे बड़ा जमावड़ा है। समुद्र में घेराबंदी: अमेरिकी नौसेना के 13 युद्धपोत वर्तमान में मध्य पूर्व और भूमध्य सागर में मौजूद हैं। इनमें ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ एयरक्राफ्ट कैरियर और नौ विनाशक (Destroyers) शामिल हैं। इसके अलावा, एक दूसरा कैरियर ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ भी अपने बेड़े के साथ पहुँचने वाला है। हमले की तैयारी: सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई उच्च स्तरीय बैठक में ट्रम्प को हमले के सभी विकल्पों की जानकारी दी गई है। यह हमला इस वीकेंड तक शुरू हो सकता है, हालांकि अभी अंतिम आदेश नहीं दिया गया है। विवाद की जड़: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे, जबकि ईरान का दावा है कि उसका कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। ईरान और अन्य देशों की प्रतिक्रिया: ईरान का पलटवार: ईरान ने अमेरिकी धमकियों को कमतर बताते हुए कहा है कि वह किसी भी स्तर के टकराव के लिए तैयार है। ईरान ने इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक अभ्यास किया है और वह रूस के साथ भी संयुक्त अभ्यास करने जा रहा है। कूटनीति की कोशिश: जिनेवा में बातचीत के दौरान कुछ प्रगति हुई है, लेकिन परमाणु मुद्दों पर दोनों देशों के बीच की दूरी अभी भी बनी हुई है। निष्कर्ष:विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमला होता है, तो यह पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। मार्च के मध्य तक सभी अमेरिकी सैन्य बलों के पूरी तरह तैनात होने की उम्मीद है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation हैदराबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: पूर्व पति ने की टेकie पत्नी की हत्या स्त्री रोग विशेषज्ञ ने एंडोमेट्रियोसिस पर चुप्पी तोड़ने की अपील की