बरेली (सिविल लाइंस):
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित आवास पर हुई फायरिंग मामले में एक नया मोड़ आया है। 11 सितंबर की घटना का नया CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें दो बाइक सवार बेखौफ होकर फायरिंग करते दिख रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है, जिनका संबंध इस शूटर गैंग से बताया जा रहा है।

फेसबुक के जरिए बनाया गया ‘शूटर’

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मारे गए दोनों शूटर (कल्लू और अरुण) सोशल मीडिया के जरिए रोहित गोदारा गैंग के संपर्क में आए थे।

  • ऑनलाइन भर्ती: पुलिस के अनुसार, इन दोनों को फेसबुक पर ब्रेनवाश किया गया और फिर दिशा पाटनी के घर के बाहर फायरिंग करने का टास्क दिया गया।
  • एनकाउंटर: ये दोनों शूटर गाजियाबाद के लोनी इलाके (ट्रोनिका सिटी) में पुलिस मुठभेड़ में पहले ही मारे जा चुके हैं।

असली टारगेट कौन था?
शुरुआत में माना जा रहा था कि निशाना दिशा पाटनी हैं, लेकिन पुलिस की ताजा जांच के अनुसार, हमलावरों का असली टारगेट दिशा के पिता जगदीश पाटनी थे।

  • पिता का बयान: दिशा के पिता जगदीश पाटनी ने एएनआई (ANI) से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी बेटी के बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया और उन्हें आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज से गलत तरीके से जोड़ा गया।

विवाद की वजह और धमकी:
यह हमला कथित तौर पर हिंदू संतों— प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ की गई टिप्पणियों के विरोध में किया गया था। एनकाउंटर के बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए इसे “सनातन की हार” बताया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

ताजा स्थिति:
पुलिस ने उन नाबालिगों से पूछताछ शुरू कर दी है जिन्होंने शूटरों की मदद की थी। बरेली के सिविल लाइंस इलाके में सुरक्षा अभी भी कड़ी है और मुंबई पुलिस भी दिशा पाटनी की सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर है।


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