मेक्सिको सिटी: दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफियाओं में से एक और जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के सरगना नेमेसियो “एल मेंचो” ओसेगुएरा की मौत के बाद पूरा मैक्सिको हिंसा की आग में झुलस रहा है। सुरक्षा बलों के एक विशेष ऑपरेशन में एल मेंचो के मारे जाने की पुष्टि होते ही उसके गुर्गों ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। कैसे हुई एल मेंचो की मौत? मैक्सिको के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 60 वर्षीय एल मेंचो जालिस्को राज्य के तपाल्पा (Tapalpa) में एक सैन्य अभियान के दौरान घायल हो गया था। हिरासत में लिए जाने के कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। एल मेंचो को पकड़ना मैक्सिकन और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सालों से सबसे बड़ी चुनौती थी। Mexico’s Ministry of Defense हिंसा का तांडव: मुख्य बिंदु 250 से ज्यादा रोडब्लॉक: कार्टेल के लड़ाकों ने 20 राज्यों में 250 से अधिक सड़कों पर जलते हुए वाहनों के जरिए जाम लगा दिया है, जिससे परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी: प्यूर्टो वैलार्टा (Puerto Vallarta) जैसे पर्यटन स्थलों के एयरपोर्ट पर गोलीबारी की खबरों के बाद भगदड़ मच गई। एयर कनाडा, यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। CBP Official Site 14 लोगों की मौत: अब तक की झड़पों में कम से कम 14 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें नेशनल गार्ड के 7 जवान भी शामिल हैं। Associated Press भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मैक्सिको में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने सख्त चेतावनी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने, सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और अपनी आवाजाही को सीमित करने की सलाह दी है। Embassy of India, Mexico City शहर बने ‘घोस्ट टाउन’ मैक्सिको के दूसरे सबसे बड़े शहर ग्वाडालाजारा (Guadalajara) में जलती हुई गाड़ियाँ और बंद दुकानों ने शहर को एक भूतिया शहर में बदल दिया है। जालिस्को के गवर्नर पाब्लो लेमस ने निवासियों से घरों के भीतर रहने की अपील की है और सार्वजनिक परिवहन को निलंबित कर दिया है। निष्कर्ष: एल मेंचो का मारा जाना नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है, लेकिन जिस तरह से कार्टेल ने जवाबी हमला किया है, उसने मैक्सिको की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation अहमदाबाद में फिर टूटा 1 लाख दिलों का सपना: दक्षिण अफ्रीका ने भारत की नाक के नीचे कैसे रची ‘हार की साजिश’? अलविदा बंगाल के ‘चाणक्य’: पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल के संस्थापक सदस्य मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन