अहमदाबाद: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली 76 रनों की करारी शिकस्त ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को सकते में डाल दिया है। इस हार के साथ ही भारत के टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुँचने की राह अब बेहद कठिन हो गई है। लगातार 12 मैचों की जीत का सिलसिला टूटने के साथ ही भारत का नेट रन रेट (NRR) गिरकर -3.80 पर पहुँच गया है।

मैच का लेखा-जोखा: कहाँ हुई चूक?

  • दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी: टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जसप्रीत बुमराह (3/15) ने शुरुआती झटके देकर उन्हें 20 रन पर 3 विकेट पर धकेल दिया। लेकिन डेविड मिलर के तूफानी 63 रनों (35 गेंद) की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 187/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
  • भारतीय बल्लेबाजी का पतन: 188 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 10 ओवर में ही भारत ने 51 रन पर 5 विकेट गंवा दिए। स्पिनर केशव महाराज ने 15वें ओवर में तीन विकेट लेकर भारत की रही-सही उम्मीदें भी खत्म कर दीं। पूरी टीम 111 रनों पर सिमट गई। BCCI Official

सेमीफाइनल का समीकरण: अब आगे क्या?

भारत अब सुपर-8 के अपने ग्रुप में नाजुक स्थिति में है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  1. दोनों मैच जीतना अनिवार्य: भारत को अपने अगले दोनों मुकाबले जीतने होंगे:
    • 26 फरवरी: बनाम जिम्बाब्वे (चेन्नई)
    • 1 मार्च: बनाम वेस्टइंडीज (कोलकाता)
  2. बड़ी जीत की जरूरत: केवल जीत काफी नहीं होगी, भारत को अपना नेट रन रेट सुधारने के लिए इन दोनों टीमों को भारी अंतर से हराना होगा। ICC T20 World Cup Site
  3. दूसरों पर निर्भरता: भारत चाहेगा कि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच (जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ) जीत जाए। अगर जिम्बाब्वे या वेस्टइंडीज ने दक्षिण अफ्रीका को उलटफेर का शिकार बनाया, तो पॉइंट्स टेबल में पेच फंस जाएगा और भारत अपने खराब रन रेट की वजह से बाहर हो सकता है।

आईसीसी के नियम (टाई होने पर):

अगर दो टीमों के अंक बराबर होते हैं, तो फैसला इस क्रम में होगा:

  • सबसे पहले ज्यादा जीत (Wins) देखी जाएंगी।
  • उसके बाद नेट रन रेट (NRR)
  • अगर वह भी बराबर रहा, तो हेड-टू-हेड (Head-to-Head) मुकाबला।

निष्कर्ष: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम के लिए अब हर मैच एक ‘नॉकआउट’ की तरह है। चेन्नई और कोलकाता में होने वाले अगले दो मैच तय करेंगे कि भारत अपने घर में वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा कर पाएगा या नहीं।

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