मुंबई/चंडीगढ़: बैंकिंग जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब IDFC First Bank ने अपनी चंडीगढ़ शाखा में ₹590 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा किया। यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और फंड ट्रांसफर करने का अनुरोध किया, लेकिन बैंक के रिकॉर्ड और विभाग के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया।

कैसे खुला घोटाले का राज?

घोटाले की शुरुआत एक साधारण ‘बैलेंस चेक’ से हुई।

  • हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक से अपना खाता बंद करने को कहा।
  • जब बैंक ने प्रक्रिया शुरू की, तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज रकम और बैंक के सिस्टम में मौजूद बैलेंस मेल नहीं खा रहे थे।
  • शुरुआती जांच में सामने आया कि फर्जी चेक (Forged Cheques) और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फंड को अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया था। IDFC First Bank Official Disclosure

बैंक की कार्रवाई और जांच

बैंक ने इस घटना को “पुराने ढर्रे की बैंकिंग धोखाधड़ी” करार दिया है और तुरंत सख्त कदम उठाए हैं:

  1. निलंबन: धोखाधड़ी में संदिग्ध पाए गए चार बैंक कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
  2. फोरेंसिक ऑडिट: बैंक ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए KPMG को स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया है। KPMG India
  3. पुलिस शिकायत: चंडीगढ़ पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है और जिन खातों में पैसा गया है, उन्हें फ्रीज (Lien-mark) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हरियाणा सरकार का कड़ा रुख

इस घटना के बाद हरियाणा सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को अपनी एम्पैनलमेंट सूची (Empanelment list) से बाहर कर दिया है। सरकार ने अपने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि इन बैंकों में मौजूद खातों को तुरंत बंद किया जाए और भविष्य में इनके साथ कोई वित्तीय लेनदेन न किया जाए। Haryana Government Official Site

बाजार में कोहराम: 20% गिरे शेयर

इस खबर के फैलते ही शेयर बाजार में IDFC First Bank के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।

  • बैंक का स्टॉक 20% के लोअर सर्किट पर बंद हुआ।
  • निवेशकों को एक ही दिन में करीब ₹14,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। BSE India

बैंक का पक्ष: IDFC First Bank ने स्पष्ट किया है कि यह धोखाधड़ी केवल चंडीगढ़ शाखा के कुछ सरकारी खातों तक ही सीमित है और सामान्य रिटेल ग्राहकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। बैंक ने यह भी कहा कि वे फंड रिकवरी के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपना रहे हैं।


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