नई दिल्ली: 1999 में जब दक्षिण दिल्ली के खेल गाँव (Khel Gaon) मार्ग पर अंसल प्लाजा खुला था, तो यह दिल्ली के लिए किसी अजूबे से कम नहीं था। यह शहर का पहला मॉल था, जहाँ दिल्ली के लोगों ने पहली बार ‘मॉल कल्चर’ को जिया। लेकिन आज, शानदार चकाचौंध वाले सिलेक्ट सिटीवॉक और DLF मॉल के दौर में, अंसल प्लाजा एक ‘भूतिया शहर’ (Ghost Town) जैसा नजर आता है।

कभी यहाँ बसती थी दिल्ली की धड़कन

90 के दशक के आखिरी और 2000 की शुरुआत वाले युवाओं के लिए अंसल प्लाजा केवल एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नहीं, बल्कि एक ‘इमोशन’ था:

  • पहला ठिकाना: यहाँ शहर का पहला Shoppers Stop खुला था। McDonald’s यहाँ सिर्फ बर्गर पॉइंट नहीं, बल्कि डेटिंग डेस्टिनेशन हुआ करता था।
  • सांस्कृतिक केंद्र: इसके एम्फीथिएटर में ‘यूफोरिया’ जैसे बैंड्स के कंसर्ट और फिल्मों के प्रमोशन होते थे। Music World से कैसेट और सीडी खरीदना उस दौर का सबसे बड़ा शौक था। Delhi Tourism Official Site

आज की हकीकत: सन्नाटा और बदहाली

हाल ही में जब इस मॉल का जायजा लिया गया, तो स्थिति काफी चिंताजनक मिली:

  1. बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर: मॉल के एस्केलेटर (Escalators) बंद हैं, लिफ्ट भरोसेमंद नहीं हैं और टॉयलेट्स में गंदगी का अंबार है। सीढ़ियों पर पान के दाग और चारों ओर फैला सन्नाटा असुरक्षा का अहसास कराता है।
  2. नाममात्र के आउटलेट्स: McDonald’s और KFC जैसे कुछ पुराने ब्रांड्स अभी भी टिके हुए हैं, लेकिन ग्राहकों की संख्या बेहद कम है। Decathlon, जिसने 2016 के री-लॉन्च में मुख्य भूमिका निभाई थी, वह भी 2023 में बंद हो गया।
  3. सुरक्षा की चिंता: यहाँ काम करने वाले स्टाफ का कहना है कि कम फुटफॉल और परिसर में शराब की दुकान होने के कारण शाम के समय माहौल असुरक्षित महसूस होता है।

क्यों हुआ अंसल प्लाजा फेल?

  • कड़ी प्रतिस्पर्धा: साकेत और वसंत कुंज में मल्टीप्लेक्स और बड़े फूड कोर्ट वाले नए मॉल्स आने के बाद अंसल प्लाजा अपनी चमक खोने लगा।
  • मैनेजमेंट की अनदेखी: दुकानदारों का आरोप है कि मेंटेनेंस और सुविधाओं पर ध्यान न देने के कारण ब्रांड्स यहाँ से पलायन कर गए।
  • गलत टाइमिंग: 2016 में इसे दोबारा जीवित करने की कोशिश की गई, लेकिन उसी दौरान हुई ‘नोटबंदी’ ने रिटेल सेक्टर को भारी चोट पहुँचाई। DDA Housing News

निष्कर्ष: अंसल प्लाजा आज उन मॉल की फेहरिस्त में शामिल हो गया है जो समय के साथ खुद को बदल नहीं पाए। यह अब केवल उन लोगों की यादों में जिंदा है जिन्होंने यहाँ अपना बचपन या जवानी बिताई है।

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