नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक बार फिर उत्तर-पूर्व के नागरिकों के साथ भेदभाव और नस्लीय दुर्व्यवहार का शर्मनाक मामला सामने आया है। एयर कंडीशनर (AC) लगवाने के दौरान गिरी मामूली धूल को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसी दंपति ने अरुणाचल प्रदेश की एक UPSC छात्रा और उसकी सहेलियों पर बेहद आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। विवाद की शुरुआत: AC ड्रिलिंग और धूल घटना 20 फरवरी की है, जब चौथी मंजिल पर रहने वाली छात्राओं ने अपने फ्लैट में AC लगवाने के लिए इलेक्ट्रीशियन बुलाया था। ड्रिलिंग के दौरान कुछ धूल नीचे पहली मंजिल पर रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन के बालकनी में गिर गई। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने तुरंत माफी मांग ली थी, लेकिन दंपति ने गाली-गलौज शुरू कर दी। Delhi Police Official Site नस्लीय और यौन शोषण के आरोप वायरल वीडियो और FIR के अनुसार, पड़ोसी दंपति ने छात्राओं की पहचान को निशाना बनाया: आपत्तिजनक टिप्पणियां: रूबी जैन पर आरोप है कि उन्होंने छात्राओं को “500 रुपये वाली धंधेवाली” और “मसाज पार्लर चलाने वाली” कहा। नस्लीय भेदभाव: छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें “अनपढ़” कहा गया और उनकी उत्तर-पूर्वी पहचान के कारण उन्हें ‘बाहरी’ की तरह ट्रीट किया गया। धमकी: पीड़ित छात्रा के अनुसार, आरोपी महिला ने उसे अपने पति के साथ सोने तक की शर्मनाक बात कही और अपनी रसूख की धौंस जमाते हुए “कपड़े उतरवाकर नचवाने” की धमकी दी। Arunachal Pradesh Govt Portal पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है: धाराएं: 79 (महिला की मर्यादा का अपमान), 351(2) (आपराधिक धमकी), और 196 (धर्म, नस्ल या जन्म स्थान के आधार पर शत्रुता बढ़ाना)। धारा 196 एक गैर-जमानती अपराध है। प्रतिक्रिया: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए।” Conrad Sangma on X “हम भी उतने ही भारतीय हैं” छात्राओं की वकील रीना राय (सिक्किम निवासी) ने कहा कि यह घटना दिल्ली में उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति गहरे पूर्वाग्रह को दर्शाती है। पीड़ितों ने मांग की है कि आरोपियों को न केवल सजा मिले, बल्कि वे पूरे उत्तर-पूर्वी समुदाय से सार्वजनिक माफी भी मांगें। निष्कर्ष: मालवीय नगर की यह घटना एक बार फिर सुरक्षा और समावेशिता पर सवाल खड़े करती है, खासकर उन छात्रों के लिए जो अपने सपनों को पूरा करने दिल्ली आते हैं FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation दिल्ली का ‘OG’ मॉल अब बना ‘घोस्ट टाउन’: अंसल प्लाजा की चमक फीकी, सन्नाटे में डूबा दक्षिण दिल्ली का यह लैंडमार्क मैदान पर हार और विज्ञापन पर तंज: क्या स्टार स्पोर्ट्स के ‘कपकेक’ विज्ञापन ने टीम इंडिया की लुटिया डुबोई?