लंदन में आयोजित 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) में भारत और विशेष रूप से मणिपुर के लिए एक गौरवशाली अध्याय लिखा गया। मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘बूंग’ (Boong) ने ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ का प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है। इस बड़ी जीत की मुख्य विशेषताएं: 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गर्व प्रधानमंत्री मोदी ने फिल्म की पूरी टीम को सोशल मीडिया (X) के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने लिखा: “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई। यह वास्तव में अपार खुशी का क्षण है, विशेष रूप से मणिपुर के लिए। यह उपलब्धि हमारे देश की असीम रचनात्मक प्रतिभा को भी रेखांकित करती है।” प्रधानमंत्री के इस संदेश पर फिल्म के सह-निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने आभार व्यक्त करते हुए इसे पूरी टीम के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया। 2. इस साल की एकमात्र भारतीय विजेता ‘बूंग’ इस साल बाफ्टा समारोह में पुरस्कार जीतने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म रही। यह जीत न केवल मणिपुरी सिनेमा बल्कि भारत की क्षेत्रीय कहानियों की वैश्विक ताकत को प्रदर्शित करती है। 3. मंच से शांति की अपील फिल्म की लेखिका और निर्देशिका लक्ष्मीप्रिया देवी ने अवॉर्ड लेते समय अपने भाषण में मणिपुर के मौजूदा हालात का जिक्र किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच से मणिपुर में शांति और उम्मीद की अपील की, जिसे दुनिया भर के फिल्म जगत ने सराहा। 4. फिल्म के पीछे की टीम निर्देशन: लक्ष्मीप्रिया देवी। निर्माण: एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी) और चाकबोर्ड एंटरटेनमेंट। क्यों खास है यह जीत? अक्सर मुख्यधारा के सिनेमा में पूर्वोत्तर भारत की कहानियों को वह जगह नहीं मिल पाती जिसकी वे हकदार हैं। ‘बूंग’ की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता ने साबित कर दिया है कि स्थानीय मिट्टी से जुड़ी कहानियों में दुनिया का दिल जीतने का दम है। क्या आप लक्ष्मीप्रिया देवी के बाफ्टा में दिए गए भाषण के मुख्य अंश जानना चाहेंगे? FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद अनंत महाराज को ‘बंग विभूषण’ से क्यों नवाजा?