नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने भारत के ऐतिहासिक इंडिया गेट की तस्वीर साझा करते हुए इसे “भारत का खूबसूरत विजय द्वार” कहा और साथ ही यह घोषणा भी कर दी कि “हमारा वाला उन सब में सबसे महान होगा।”

यह बयान वॉशिंगटन डी.सी. में एक विशाल Triumphal Arch बनाने की उनकी योजना से जुड़ा है। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और इतिहास, राजनीति और सांस्कृतिक प्रतीकों पर बहस शुरू हो गई।

ट्रंप की पोस्ट से जुड़े 5 अहम फैक्ट्स

  1. इंडिया गेट का ऐतिहासिक महत्व
    • नई दिल्ली का प्रतिष्ठित युद्ध स्मारक, जिसे ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था।
    • 1931 में उद्घाटन हुआ और यह प्रथम विश्व युद्ध व तृतीय एंग्लो-अफगान युद्ध में शहीद हुए लगभग 70,000 भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया।
    • इसके नीचे जलती अमर जवान ज्योति बलिदानों की शाश्वत गवाही देती है।
  2. वॉशिंगटन डी.सी. में विजय द्वार की कमी
    • दुनिया के लगभग 57 शहरों में ट्रायम्फल आर्च मौजूद हैं, लेकिन अमेरिकी राजधानी में अब तक कोई नहीं।
    • ट्रंप इस कमी को पूरा करने के लिए सबसे भव्य आर्च बनाने की योजना कर रहे हैं।
  3. नाम होगा ‘Independence Arch’
    • प्रस्तावित स्मारक को लोग इंडिपेंडेंस आर्च कह रहे हैं।
    • यह नाम अमेरिका की स्वतंत्रता की भावना और 2026 में होने वाली 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ से जुड़ा है।
  4. इंडिया गेट से भी ऊंचा होगा
    • इंडिया गेट की ऊंचाई लगभग 42 मीटर (138 फीट) है।
    • ट्रंप का प्रस्तावित आर्च इससे भी ऊंचा होगा और दुनिया के सबसे बड़े विजय द्वारों में गिना जाएगा।
  5. भारत की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख
    • ट्रंप द्वारा इंडिया गेट का उदाहरण देना सिर्फ वास्तुकला तुलना नहीं है।
    • यह भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्वीकार करने जैसा भी है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप की यह पोस्ट सिर्फ एक स्मारक की योजना नहीं, बल्कि इतिहास, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक प्रतीकों पर वैश्विक चर्चा का कारण बनी है। इंडिया गेट से शुरू हुई यह बातचीत दुनिया को याद दिलाती है कि स्मारक सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि यादें, विचार और पहचान भी होते हैं।

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