वॉशिंगटन डीसी, 4 फरवरी 2026 – भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के अगले ही दिन विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका दौरे की शुरुआत की और लगातार दो अहम बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।

स्कॉट बेसेंट से मुलाकात

  • बातचीत का फोकस: नई ट्रेड डील को जमीन पर उतारने की रणनीति।
  • मुद्दे: व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच, नियमों का तालमेल।
  • जयशंकर ने कहा – “आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई।”

मार्को रुबियो से बैठक

  • चर्चा के विषय:
    • द्विपक्षीय सहयोग
    • क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे
    • व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और तकनीक
  • रुबियो ने खास तौर पर क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और सप्लाई चेन पर जोर दिया।
  • दोनों पक्षों ने संस्थागत बैठकों को जल्द आयोजित करने पर सहमति जताई।

अमेरिका की पहल: Critical Minerals Ministerial

  • अमेरिका बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में पहली बार क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल की मेजबानी करेगा।
  • इसमें 50 से ज्यादा देशों के अधिकारी शामिल होंगे।
  • मकसद: खनिजों की सप्लाई को सुरक्षित और विविध बनाना।

अमेरिकी विदेश विभाग का बयान

  • जयशंकर और रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए ट्रेड डील का स्वागत किया।
  • दोनों नेताओं ने क्वाड के जरिए बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
  • साझा लक्ष्य: एक मजबूत और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र

📌निष्कर्ष: ट्रेड डील के बाद जयशंकर की ये मुलाकातें भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा देने वाली हैं। आर्थिक सहयोग से लेकर रणनीतिक साझेदारी तक, दोनों देश अब इंडो-पैसिफिक में अपनी भूमिका और मजबूत करने की तैयारी में हैं।

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