एनवीडिया (Nvidia) के CEO जेनसन हुआंग. नई दिल्ली – अमेरिकी कंपनी Nvidia के CEO जेनसन हुआंग ने कहा है कि भारत में बनने वाले AI डेटा सेंटर इंटरनेट की तरह ही रोजगार के अपार अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। बजट 2026 की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में घोषणा की थी कि भारत में बने डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलीडे मिलेगा। इस नीति का उद्देश्य भारत को AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाना है। हुआंग का तर्क डेटा सेंटर निर्माण में सीधे तौर पर 5,000–10,000 लोग लगते हैं (इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, कंस्ट्रक्शन वर्कर आदि)। इसके अलावा सप्लाई चेन – पाइप, कंक्रीट, डिज़ाइन, आर्किटेक्चर, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट – में भी रोजगार पैदा होता है। डेटा सेंटर चालू होने के बाद ऑपरेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम में और नौकरियां बनती हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट ने भारत में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों में लाखों नौकरियां दी थीं, और AI भी वही कर सकता है। रोजगार का असर प्रत्यक्ष रोजगार: निर्माण और संचालन से जुड़े कर्मचारी। अप्रत्यक्ष रोजगार: सप्लाई चेन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी सर्विसेज। दीर्घकालिक प्रभाव: भारत को वैश्विक AI और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बनाने की संभावना। 📌 निष्कर्ष: Nvidia CEO का बयान भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है। टैक्स हॉलीडे और AI डेटा सेंटर नीति से भारत में इंटरनेट युग जैसी रोजगार क्रांति संभव है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation ट्रंप–शी जिनपिंग बातचीत: किन मुद्दों पर हुई चर्चा 🌍 वर्ल्ड न्यूज़ LIVE अपडेट्स