नई दिल्ली:
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जब मंच पर मौजूद सभी वैश्विक नेताओं से एकजुटता दिखाने के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने का आग्रह किया गया, तब दुनिया की दो सबसे बड़ी AI कंपनियों के प्रमुख—OpenAI के सैम ऑल्टमैन और Anthropic के डारियो अमोदेई—ने हाथ मिलाने से परहेज किया।

मामले के मुख्य बिंदु:

  • हाथ थामने के बजाय उठाई मुट्ठियां: मंच पर पीएम मोदी की उपस्थिति में जब फोटो के लिए ‘हैंड-रेज’ (हाथ उठाकर एकजुटता दिखाने) का समय आया, तो अगल-बगल खड़े ऑल्टमैन और अमोदेई असहज दिखे। उन्होंने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ‘चेन’ बनाने के बजाय अपनी-अपनी मुट्ठियां हवा में लहरा दीं, जिससे एकता का वह दृश्य अधूरा रह गया जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
  • पुरानी प्रतिद्वंद्विता आई सामने: यह घटना केवल एक फोटो की बात नहीं थी, बल्कि यह AI जगत की गहरी वैचारिक खाई को दर्शाती है। डारियो अमोदेई पहले OpenAI में ही काम करते थे, लेकिन सुरक्षा (Safety) और व्यवसायीकरण (Commercialisation) के मुद्दों पर ऑल्टमैन से मतभेद के कारण उन्होंने कंपनी छोड़कर Anthropic की स्थापना की थी।
  • हालिया जुबानी जंग: हाल ही में दोनों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब एंथ्रोपिक ने ‘सुपर बाउल’ विज्ञापन में ChatGPT का मजाक उड़ाया। इसके जवाब में ऑल्टमैन ने अमोदेई की कंपनी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “एंथ्रोपिक केवल अमीर लोगों के लिए महंगे उत्पाद बनाती है।”
  • प्रोडक्ट वॉर: दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा इतनी कड़ी है कि समिट के दौरान भी दोनों ने अपने फ्लैगशिप कोडिंग टूल्स (Claude Opus 4.6 और GPT-5.3 Codex) महज 20 मिनट के अंतराल पर लॉन्च किए।

निष्कर्ष:
भारत मंडपम के मंच पर इस “अकवर्ड मोमेंट” ने साफ कर दिया कि AI की दुनिया दो गुटों में बंटी हुई है। जहां एक ओर ऑल्टमैन तकनीक के लोकतंत्रीकरण और तेजी से विस्तार की बात करते हैं, वहीं अमोदेई सुरक्षा और सावधानी को प्राथमिकता देते हैं।

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