1. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है
  2. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ल्ड ऑर्डर भारत के पक्ष में बदल रहा है और यह स्पष्ट दिख रहा है
  3. भारत ने छह महीने में पांच व्यापार समझौते किए हैं जिनमें अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देश शामिल हैं

जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ वॉर छेड़ रहे थे तब भारत चीन और रूस के साथ एक मंच पर खड़ा होकर मैसेज दे रहा था. भारत ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता बनकर उभरा है. ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है, ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं.

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – NDA की संसदीय दल बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का ज़िक्र करते हुए कहा कि “कोविड के बाद वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है और आज यह भारत के पक्ष में ट्विस्ट हो रहा है।”

पीएम मोदी का संदेश

  • पीएम मोदी ने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद भारत ने धैर्य रखा और अब उसका परिणाम सामने है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बाद भारत पर लागू टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया।
  • मोदी ने कहा कि इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।

वर्ल्ड ऑर्डर क्या है?

  • वर्ल्ड ऑर्डर यानी वैश्विक व्यवस्था – वह ढांचा जिसमें देश आपसी राजनीति, व्यापार और कूटनीति संचालित करते हैं।
  • इसमें शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक संस्थाओं की भूमिका शामिल होती है।
  • सरल भाषा में कहें तो यह वह सिस्टम है जो तय करता है कि दुनिया किस दिशा में चलेगी और किसकी बात ज्यादा मानी जाएगी।

भारत के पक्ष में बदलाव कैसे?

  • भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था का सक्रिय खिलाड़ी बन चुका है।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को देखते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखा, जबकि पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए।
  • भारत ने EU के साथ “मदर ऑफ ऑल डील” समेत पिछले छह महीनों में 5 ट्रेड डील्स की हैं।
  • अमेरिका के साथ टैरिफ समझौता, यूरोप के साथ साझेदारी और खाड़ी देशों के साथ बढ़ते रिश्ते भारत की कूटनीतिक ताकत को दर्शाते हैं।
  • इंडो-पैसिफिक में भारत-अमेरिका सहयोग चीन के प्रभाव को संतुलित करने का काम कर रहा है।

निष्कर्ष

पीएम मोदी का बयान इस बात का संकेत है कि अब दुनिया सिंगल पावर वर्ल्ड नहीं रही, बल्कि मल्टी-पोलर वर्ल्ड बन रही है। भारत इस नए वर्ल्ड ऑर्डर में एक अहम शक्ति के रूप में उभर रहा है, जहां उसकी आर्थिक और कूटनीतिक नीतियां वैश्विक संतुलन को प्रभावित कर रही हैं।

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